मेयर के चुनाव के​ गिरता राजनीति का स्तर, सदन में 'तैनात' करना पड़ा पैरामिलिट्री फोर्स

मेयर के चुनाव के​ गिरता राजनीति का स्तर, सदन में 'तैनात' करना पड़ा पैरामिलिट्री फोर्स

नई दिल्ली। राजीनति में आम आदमी पार्टी के पर्दापण से बाद से निजी फायदे के लिए झूठे आरोप लगा देने का प्रचलन बड़ा आम सा हो गया है। ​कभी दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दिक्षित के भ्रष्टाचारों की फाइल लेकर घूमने वाले केजरीवाल के पास से मुख्यमंत्री बनते ही फाइल कहाँ गायब हो गई ये बात आज तक किसी को समझ नहीं आई, इसी झूठे आरोप की कड़ी में एक और आरोप शामिल हो गया है, जिसमें सदन के लिए पैरामिलिट्री फोर्स के तैनात किये जाने की बात कही गयी है। हालांकि MCD ने बिना देर किये ही आम आदमी पार्टी के इस आरोप को नकारते हुए झूठा करार दे दिया है। 

मेयर चुनाव को लेकर चल रही है रस्साकसी

दिल्ली में यह पूरी रस्साकसी मेयर और डिप्टी मेयर चुनाव को लेकर चल रही है। मेयर चुनाव के बाद दिल्ली को 10 साल के अंतराल के बाद पूरे शहर के लिए मेयर मिलेगा। 6 जनवरी को नवनिर्वाचित 250 सदस्यीय एमसीडी (दिल्ली नगर निगम) हाउस की पहली बैठक हुई थी। हालांकि हंगामे के चलते मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव किए बिना बैठक को स्थगित कर दिया गया था। आम आदमी पार्टी (AAP) के पार्षदों द्वारा पहले 10 एल्डरमेन को शपथ दिलाने के पीठासीन अधिकारी के फैसले पर भारी विरोध के बीच बैठक स्थगित कर दी गई थी।

गौरतलब है कि दिल्ली नगर निगम के चुनाव 4 दिसंबर को हुए थे और वोटों की गिनती 7 दिसंबर को हुई थी। आम आदमी पार्टी भाजपा को हर चुनावों में अकेली सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी थी। उसने 134 वार्ड जीते हैं। बीजेपी यहां लगातार 15 साल से काबिज थी, लेकिन इस बार उसे महज 104 वार्ड जीतकर दूसरा स्थान हासिल हुआ। कांग्रेस ने नौ सीटें जीतीं।

मेयर पद के लिए AAP की ओर से शैली ओबेरॉय और आशु ठाकुर दावेदार हैं। बीजेपी ने रेखा गुप्ता को उम्मीदवार बनाया है। डिप्टी मेयर पद के लिए आले मोहम्मद इकबाल और जलज कुमार (AAP) और कमल बागरी (भाजपा) से उम्मीदवार हैं। मेयर और डिप्टी मेयर के अलावा एमसीडी की स्थायी समिति के छह सदस्य भी नगरपालिका सदन के दौरान चुने जाने हैं।

राष्ट्रीय राजधानी में महापौर का पद रोटेशन के आधार पर पांच सिंगल-इयर की शर्तों के हिसाब से है। यानी इसमें पहला वर्ष महिलाओं के लिए आरक्षित है, दूसरा ओपन कैटेगरी के लिए, तीसरा आरक्षित वर्ग के लिए और बाकी दो फिर से ओपन कैटेगरी के लिए हैं। इस तरह दिल्ली को इस साल एक महिला मेयर मिलेगी।

 

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