अधिक मास में कैसे करें अपने पितरों को खुश , पितृ दोष से पाएं मुक्ति

अधिक मास में कैसे करें अपने पितरों को खुश , पितृ दोष से पाएं मुक्ति

इस साल अधिक मास अमावस्या 16 अगस्त दिन बुधवार को है। अमावस्या के दिन पितर पृथ्वी लोक पर आते हैं। और अपने वंश से तृप्त होने की उम्मीद रखते हैं। जो लोग अपने पितरों का तर्पण, पिंडदान या श्राद्ध नहीं करते हैं, उनसे वे नाराज हो जाते हैं। इस वजह से पितृ दोष लगता है। अमावस्या पर आप स्नान के बाद पितरों के लिए तर्पण करें। आपको बता दें कि अमावस्या तिथि 15 अगस्त को दोपहर 12:42 बजे से प्रारंभ हो जाएगी और यह तिथि 16 अगस्त को दोपहर 03:07 बजे तक मौजूद रहेगी। 

क्या आप भी तो नहीं है पितृ दोष के कारण परेशान तो आपके साथ घट रही होगी यह घटनाएं

ध्यान दें 

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  • घऱ में कलेश रहना।
  • घर मे आपसी मतभेद रहना|
  • रोग पीड़ा घर नहीं छोड़ती|
  • अचनाक धन खर्च होना|
  • संतान की प्राप्ति मे विलम्भ होना| 

पितरों के लिए तर्पण की क्या है सही विधि

  • सोमवती अमावस्या को दूध की खीर बना अपने पितरों को अर्पित करें ,सोमवती अमावस्या को पीपल के वृक्ष को मीठा जल अर्पित करें या ओम नमो भगवते वासुदेवाय का 1008  बार जाप करें।
  • हर अमावस्या को गाय को 5 फल खिलाएं , प्रतिदिन शिव को जल अर्पित करें और साथ ही ओम नमः शिवाय का  जाप करें|
  • पशु-पक्षियों को दाना डाले|
  • श्रीमद् भागवत का पाठ करे या श्रवण करें
  • घर में भोजन बनने पर सर्वप्रथम पित्तरों के नाम की खाने की थाली निकालकर गाय को खिलाने से उस घर पर पित्तरों का सदैव आशीर्वाद रहता है। घर के मुखियां को भी चाहिए कि वह भी अपनी थाली से पहला ग्रास पित्तरों को नमन करते हुए कौओं के लिये अलग निकालकर उसे खिला दे।
  • अमावस्या वाले दिन घर की स्त्री को सिर नहीं धोना चाहिए|
  • अमावस्या वाले दिन घर की स्त्री को कपड़े नहीं धोने चाहिए|
  • अमावस्या  वाले दिन कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता|
  • सात मंगलवार तथा शनिवार को जावित्री और केसर की धूप घर में दें|
  • मंगल यंत्र को स्थापित कर उसकी पूजा करें
  • प्रतिदिन प्रात:काल सूर्योदय से पूर्व उठकर सूर्यदेव को नमन करें|
  • शुक्ल पक्ष को प्रथम रविवार के दिन सूर्य यंत्र को स्थापित करें।
  • सूर्य देव को नित्य तांबे के पात्र से जल का अर्घ्य दें|
  • पाँच मुखी रुद्राक्ष धारण करें|
  • घर में दक्षिण दिशा की दीवार में अपने पूर्वजों का माला सहित चित्र लगाएँ|
  • माँ काली की नियमित आराधना करें|

इन मंत्रों का जप करें

ॐ सर्व पितृ देवताभ्‍यो नम:।

ॐ प्रथम पितृ नारायणाय नम:।।

✍️tarot_queen jyoti (Baraut uttar pradesh)

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