कानपुर मेट्रो: टनल निर्माण कार्य में लगे 'विद्यार्थी’ और ‘तात्या‘ टनल बोरिंग मशीनों के मेन ड्राइव का हुआ आरंभ

कानपुर मेट्रो: टनल निर्माण कार्य में लगे 'विद्यार्थी’ और ‘तात्या‘ टनल बोरिंग मशीनों के मेन ड्राइव का हुआ आरंभ

’विद्यार्थी’ टीबीएम मशीन कानपुर सेंट्रल से नयागंज की ओर तथा ‘तात्या‘ टीबीएम मशीन मैकरॉबर्टगंज से चुन्नीगंज की ओर ‘डाउनलाइन‘ पर कर रहीं हैं टनल का निर्माण* 

कानपुर मेट्रो रेल परियोजना के कॉरिडोर-1 (आईआईटी से नौबस्ता) के अंतर्गत दोनों भूमिगत सेक्शन; कानपुर सेंट्रल-ट्रांसपोर्ट नगर तथा चुन्नीगंज-नयागंज सेक्शन में टनल निर्माण कार्य ने आज एक महत्वपूर्ण पड़ाव पार कर लिया। इन दोनों ही सेक्शन में 'डाउनलाइन' पर निर्माण कार्य कर रहीं टनल बोरिंग मशीनों (टीबीएम मशीनों) ने आज से अपने मेन ड्राइव की शुरूआत की है। विदित हो कि लगभग 4.24 किमी लंबे कानपुर सेंट्रल-ट्रांसपोर्ट नगर भूमिगत सेक्शन के 'अप-लाइन' और 'डाउनलाइन' पर क्रमशः 'आजाद' और 'विद्यार्थी' टीबीएम मशीन द्वारा तथा लगभग 4 किमी लंबे चुन्नीगंज-नयागंज सेक्शन के ‘अप-लाइन‘ और ‘डाउनलाइन‘ पर क्रमशः 'नाना' और 'तात्या' टीबीएम मशीन द्वारा टनल निर्माण का कार्य किया जा रहा है।

आमतौर पर टनलिंग प्रक्रिया के दौरान टीबीएम मशीन दो तरह के ड्राइव चरणों से गुजरतीं हैं। पहला इनिशियल या प्रारंभिक ड्राइव और दूसरा मेन या मुख्य ड्राइव। मेन ड्राइव से पहले टीबीएम मशीन के बैकअप सिस्टम यूनिट को लोअर यानी जमीन के नीच उतारकर, उसे टीबीएम मशीन से जोड़ दिया जाता है। बैकअप सिस्टम यूनिट से जुड़ जाने के बाद मेन ड्राइव के दौरान टनल के उत्खनन की प्रक्रिया लोको पायलट के माध्यम से की जाती है। 

कानपुर सेंट्रल-ट्रांसपोर्ट नगर भूमिगत सेक्शन के अंतर्गत वर्तमान में कानपुर सेंट्रल से नयागंज तक लगभग 1250 मीटर लंबे स्ट्रेच पर टनल का निर्माण किया जा रहा है। कानपुर सेंट्रल स्थित लॉन्चिंग शाफ्ट से ‘डाउनलाइन' पर लॉन्च होने के बाद 'विद्यार्थी' टीबीएम मशीन ने अपने इनिशियल या प्रारंभिक ड्राइव में लगभग 90 मीटर टनल का निर्माण किया था, जिसके बाद इसे रोककर बैकअप सिस्टम यूनिट से जोड़ने की प्रक्रिया आरंभ कर दी गई थी। 

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इसी तरह चुन्नीगंज-नयागंज भूमिगत सेक्शन के अंतर्गत मैकरॉबर्टगंज से चुन्नीगंज तक लगभग 414 मीटर लंबे टनल का निर्माण किया जा रहा है। इस स्ट्रेच के 'डाउनलाइन' पर टनल निर्माण के लिए 'तात्या' टीबीएम मशीन को लॉन्च किया गया था। लगभग 15 दिनों पहले 'तात्या' ने अपनी इनिशियल ड्राइव पूरी की। इसके बाद इस टीबीएम मशीन को रोककर लगभग 95 मीटर लंबे बैकअप सिस्टम यूनिट को लगभग 18 मीटर गहरे शाफ्ट में उतारकर टीबीएम मशीन के शील्ड से जोड़ा गया।

 क्या होता है बैकअप सिस्टम यूनिट
 
बैकअप सिस्टम यूनिट को टीबीएम मशीन का कंट्रोल रूम भी कह सकते हैं, जहां मशीन की सभी सहायक प्रणालियां मौजूद होती हैं। इनिशियल ड्राइव के दौरान मशीन का बैकअप सिस्टम यूनिट शाफ्ट के बाहर से कार्य कर रहा था पर अब उसे लॉन्चिंग शाफ्ट में उतारकर टीबीएम मशीन के शील्ड से जोड़ दिया गया है। बैकअप सिस्टम यूनिट के जुड़ जाने के बाद ही टीबीएम मशीन का मेन ड्राइव शुरू होता है, जिसमें टनल के उत्खनन की प्रक्रिया के लिए लोको पायलट का भी प्रयोग किया जाता है। मोटराइज्ड ट्रॉली रिंग सेग्मेंट्स को पहुंचाने और खनन के बाद मिट्टी के निकासी में काम आती है।
 
लगभग 23.78 किमी के कॉरिडोर-1 (आईआईटी-नौबस्ता) के अंतर्गत वर्तमान में, कानपुर मेट्रो की यात्री सेवाएं लगभग 9 किमी लंबे प्रॉयरिटी कॉरिडोर (आईआईटी-मोतीझील) पर चल रहीं हैं। चुन्नीगंज-नयागंज और कानपुर सेंट्रल-ट्रांसपोर्ट नगर भूमिगत सेक्शन के अलावा लगभग 5 किमी लंबे बारादेवी-नौबस्ता उपरिगामी सेक्शन में भी निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। 

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