राहत शिविरों में सुलग रही ‘बगावत’ की आग

राहत शिविरों में सुलग रही ‘बगावत’ की आग

कोरोना संक्रमण के बीच राहत शिविरों में फंसे मजदूरों में अब वापस घर जाने की इच्छा प्रबल रूप लेने लगी है। उत्तराखंड के देहरादून में बने 25 राहत शिविरों में करीब 500 से भी ज्यादा दिहाड़ी मजदूर रुके है। मजदूरों के मुताबिक उनके रखने और खाने की व्यवस्था स्थानीय प्रशासन द्वारा अच्छी प्रकार की जा

कोरोना संक्रमण के बीच राहत शिविरों में फंसे मजदूरों में अब वापस घर जाने की इच्छा प्रबल रूप लेने लगी है। उत्तराखंड के देहरादून में बने 25 राहत शिविरों में करीब 500 से भी ज्यादा दिहाड़ी मजदूर रुके है। मजदूरों के मुताबिक उनके रखने और खाने की व्यवस्था स्थानीय प्रशासन द्वारा अच्छी प्रकार की जा रही है। लेकिन उनका कहना है कि पहले उन्हें 14 अप्रैल के बाद लाॅकडाउन खत्म होने के आशंका थी, लेकिन अब इस 3 मई तक बढ़ा दिया गया है।

शिविरों में ठहरे हुए मजदूरों का मानना है कि सरकार उन्हें शिविरों से निकाल कर उनके घर तक पहुॅचाने की व्यवस्था करे। मजदूरों का कहना है कि अब उनके पास बचे हुए रुपये खत्म होने लगे है। इस समय मैदानी क्षेत्र में गेहूँ कटाई का मौसम चल रहा है। मजदूरों का कहना है कि वे यहां खाली बैठने के बाजय गांव जा कर किसानी करना चाहते है।

स्थानीय प्रशासन के अनुसार शिविर में ठहरें हुए मजदूरों के रहने और खाने की पूरी व्यवस्था की जा रही है। मजदूरों को वापस भेजने के विषय में उन्होंने कहा कि फिलहाल 20 तारीख तक सरकार की नई गाइडलाइन आने के बाद ही कोई फैसला लिया जायेगा। वहीं मजदूरों द्वारा पैदल ही घर वापस जाने की अनुमति मांगी गई है।

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