बहराइच में बारिश से नदियां उफान पर,25 गांव जलमग्न

बहराइच– नेपाल के पहाड़ों पर हो रही भारी बारिश मुसीबत का सबब बन गई है। ज़िले के विकास खण्ड मिहींपुरवा में जहां 25 गांव पानी से घिर गए हैं वहीं तहसील महसी क्षेत्र में ग्रामीणों को माइक द्वारा एनाउंसमेंट कर जागरूक किया जा रहा है। राजस्वकर्मियों को अलर्ट कर दिया गया है। नदी का जलस्तर


बहराइच– नेपाल के पहाड़ों पर हो रही भारी बारिश मुसीबत का सबब बन गई है। ज़िले के विकास खण्ड मिहींपुरवा में जहां 25 गांव पानी से घिर गए हैं वहीं तहसील महसी क्षेत्र में ग्रामीणों को माइक द्वारा एनाउंसमेंट कर जागरूक किया जा रहा है। राजस्वकर्मियों को अलर्ट कर दिया गया है। नदी का जलस्तर एक मिनट में एक सेंटीमीटर की रफ्तार से बढ़ रही है।
नेपाल के पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश का असर जिले में दिखने लगा है। मंगलवार को मिहींपुरवा के तीन बैराज से 4.82 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। पानी छोड़े जाने से नदी पूरी तरह से भर गई है। सूचना मिलने पर उपजिलाधिकारी एसएन त्रिपाठी ने राजस्वकर्मियों की मदद से नदी के उस पार बसे लोगों को जागरूक कराया जा रहा है। राजस्वकर्मी माइक द्वारा एनांउसमेंट कराकर ग्रामीणों को सुरक्षित स्थान पर भेजने की कवायद की जा रही है।
उपजिलाधिकारी ने तहसील के सभी बाढ़ चौकियों के साथ राजस्वकर्मियों को अलर्ट कर दिया है। उधर मिहींपुरवा में पानी अधिक होने से कतर्नियाघाट से निकलने वाली गेरुआ और कौड़ियाला नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया है। नदी का जलस्तर एकाएक बढ़ने से सीमावर्ती गांव पानी से घिर गए हैं। क्षेत्र के चहलवा, दूधनाथपुरवा, जंगल गुलरिया, संपतपुरवा, नईबस्ती, टिलवा, धर्मपुर रेतिया, मौरहवा समेत 25 गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। गांवों में किसानों के खेत में लगी धान की फसल भी पानी से बर्बाद हो गई है। वन क्षेत्राधिकारी रामकुमार के मुताबिक क्लोजर से सूखी नदी भी पानी के चलते लबालब हो गई है।
उपजिलाधिकारी एसएन त्रिपाठी ने बताया कि महसी में नदी का जलस्तर चार बजे से एक सेंटीमीटर प्रति मिनट की रफ्तार से बढ़ रही है। नदी में शाम तक 5.25 लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हो चुका है। जलस्तर पर पूरी तरह नजर रखी जा रही है। बाढ़ खंड के सहायक अभियंता शोभित कुशवाहा ने बताया कि महसी में पानी की मात्रा तेजी से बढ़ रही है। इसको देखते हुए एसडीओ बीबी पाल की अगुवाई में छह अवर अभियंता व दो सहायक अभियंताओं की ड्यूटी लगाई गई है। बोरियां बालू से भरवाई जा रही हैं। बाढ़ से निपटने के लिए पूरी तैयारी कर ली गई है।

वार्ता

Related Posts

Follow Us