राजस्थान (बहरोड):- पति-पत्नी का रिश्ता एक अनमोल रिश्ता होता है। लेकिन कभी-कभी बेवफा भी गम के चलते यह रिश्ता तार-तार होता नजर आता है। बेवफा बेगम प्यार को पाने की चाहत में अपने पति को किनारे कर देती हैं। ऐसा ही एक मामला राजस्थान के बहरोड़ जनपद से सामने आया है। जहां पत्नी ने अपने पति को मारने के लिए चार लाख की सुपारी दे दी और उसे मौत के घाट उतार दिया। मिली जानकारी के अनुसार आपको बता दें कि बहरोड़ के निकट जखराना गांव के पास एक अप्रैल को स्कॉर्पियों की टक्कर से राउमाव जखराना के बाबू की मौत हो गई थी। पुलिस हत्या के शक में छानबीन कर रही थी और कहते हैं ना कि कानून के हाथ लंबे होते हैं वह आराम से आरोपियों तक पहुंच जाते हैं। पुलिस ने इस घटना का कुछ दिन में ही खुलासा कर दिया। सोमवार को पुलिस ने इस घटना का खुलासा करते हुए बताया कि हरियाणा के भूंगारका गांव निवासी बाबू कृष्ण कुमार की पत्नी कुसुमलता ने ही अपने पति की हत्या की सुपारी पड़ोसी देवर सन्नी को दी थी। जिसके साथ कुसुमलता के प्रेम संबंध थे। दोनों ने मिलकर उसे अपने रास्ते से हटाने के लिए हत्या की योजना बनाई।

पत्नी कुसुमलता ने खुद के बैंक खाते से 4 लाख रुपए भी निकलवाए थे। पुलिस ने कृष्ण कुमार यादव की हत्या की साजिश में शामिल कुसुमलता पत्नी कृष्ण् कुमार यादव, सुन्नी पुत्र मुकेश यादव, अशोक कुमार पुत्र बुद्धराम यादव निवासी भुगांरका नांगल चौधरी हरियाणा, पवन पुत्र कंवर सिंह मेघवाल निवासी कोकावासस मुण्डावर अलवर को गिरफ्तार कर लिया है।

बेवफा बीवी ने ऐसे रचा षड्यंत्र


कृष्ण कुमार यादव अपने गांव महेन्द्रगढ़ भुंगारका से मोटरसाइकिल पर बहरोड़ के गांव जखराना में शहीद हरिपाल यादव उमावि में रोजाना मोटरसाइकिल से ड्यूटी आता था। कृष्ण कुमार के ड्यूटी पर आने के बाद उनका पडोसी सन्नी उनके घर आता। कृष्ण कुमार की पत्नी से मेलमिलाप हो गया। दोनों में प्रेम हो गया। जिसकी भनक कृष्ण कुमार को लग गई। जिसके कारण कृष्ण कुमार सन्नी से नाराज रहने लगा। सन्नी ने अपने छोटे भाई की शादी करा दी लेकिन खुद ने नहीं की। वह कुसुमलता के साथ ही रहना चाहता था। इसके बाद कुसुमलता व सन्नी ने कृष्ण कुमार की हत्या की साजिश रची।


दोनों ने कृष्ण की हत्या की साजिश रचने के बाद सन्नी ने उन्हीं के गांव के कुमार पुत्र बुद्धराम को शामिल कर लिया। कुसुमलता ने 4 लाख रुपए सन्नी को लाकर दिए। सन्नी ने इस पैसे में से 1 लाख 80 हजार रुपए में स्कॉर्पियो उसी गांव के अजीत से जरिए एग्रीमेंट पर खरीदी। कार अशोक के नाम खरीदी। इसके बाद सन्नी ने अशोक को कार से कृष्ण कुमार की हत्या की साजिश को बताया। फिर अशोक कुमार ने कई बार कृष्ण कुमार का पीछा कर रैकी की। लेकिन, वह कृष्ण कुमार को टक्कर मारने में असफल रहा। इसके बाद 26 मार्च को पवन अपने दोस्त राहुल निवासी कुम्भा की ढाणी नांगलचौधरी हरियाणा से मिलने गया। राहुल व पवन वहां से हरीश की होटल भुंगारका आए। यहां राहुल ने अशोक से पवन की मुलाकात कराई। तीनों ने मिलकर शराब पी। रात को होटल पर रुके। 30 मार्च को अशोक ने पवन को बताया कि एक आदमी का एक्सीडेंट करना है। तुम मेरे साथ रहो। मैं तुम्हे 40 हजार रुपए दूंगा। 31 मार्च को अशोक कार को लेकर जखराना आया। लेकिन, उस दिन कृष्ण कुमार ड्यूटी पर नहीं गया। अशोक रोजाना की बात को सन्नी को बता देता और सन्नी कुसुमलता को बता देता था।

बेवफा बेगम दिया करती थी हर पल की जानकारी

एक अप्रैल को सुबह साढ़े सात बजे कृष्ण कुमार अपने गांव से ड्यूटी के लिए जखराना निकला। यह जानकारी कुसुमलता ने सन्नी को दी। सन्नी ने अशोक को बताया। अशोक कुमार कार में पवन को लेकर जखराना बस स्टैंड आ गया। जैसे ही कृष्ण कुमार मोटरसाइकिल से जखराना स्टैंड से स्कूल की तरफ जाने लगा। अशोक ने कार से कृष्ण कुमार को सीधी टक्कर मार दी। इसके बाद वह काफी दूर जाकर गिरा। इसके बाद अशोक ने कार को यू टर्न लिया और कृष्ण कुमार के ऊपर एक बार और कार चढ़ा दी। जिसके बाद उसकी मौके पर ही मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने पुलिस को बताया हत्या है। इसके बाद पुलिस ने नाकाबंदी कराई। सीसीटवी कैमरे के आधार पर बदमाशों को हुलिया पहचाना। बाद में पता लगा कार पावटा के पास है। इसके बाद बदमाशों को पुलिस ने पकड़ा। तब पुलिस ने पूरे मामले का खुलासा किया।

रिपोर्ट : हेमंत अग्रवाल

राजस्थान ब्यूरो