बिहार सरकार ने जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम से मिलाया हाथ

नई दिल्ली- बिहार सरकार ने जलवायु परिवर्तन की समस्या से निपटने के लिए किए जा रहे प्रयासों के तहत संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (यूएनईपी) से शुक्रवार को यहां एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया, जिसके अनुसार यूएनईपी की भागीदारी से राज्य में प्रदूषण की समस्या से निजात पाने के उपाय किए जाएंगे।

बिहार के उपमुख्यमंत्री ताराकिशोर प्रसाद तथा पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री नीरज सिंह बबलू और संयुक्त राष्ट्र संघ के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में यह समझौता हुआ। केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री बाबुल सुप्रियो भी वीडियो कॉन्फेंसिंग के माध्यम से इस दौरान मौजूद थे।

समझौता ज्ञापन के अनुसार वर्ष 2040 बिहार में कार्बन उत्सर्जन कम कर लोगों को प्रदूषण की समस्या से निजात दिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस दिशा में पहले कदम के तौर पर प्रदूषण के कारणों का पता लगाने के लिए सर्वे कराने का काम किया जाएगा।

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यूएनईपी बिहार को इस विकट समस्या के मुक्ति दिलाने के लिए ग्रीनहाउस गैस इनवेंटरी तैयार करने तथा जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभाव का आकलन करने में तकनीकी सहायता प्रदान करेगा।

जलवायु परिवर्तन पूरे विश्व के लिए है खतरे की घंटी

इस मौके पर बाबुल सुप्रियो ने कहा, “जलवायु परिवर्तन पूरे विश्व के लिए खतरे की घंटी है और इससे निपटने के लिए तत्काल ध्यान देने तथा कार्रवाई करने की जरूरत है। जलवायु परिवर्तन के असर को कम करना तथा उसके अनुरूप ढलना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्ववाली केंद्र सरकार की कार्रवाई का प्रमुख क्षेत्र है।”

उन्होनें कहा कि बिहार में जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को कम करने तथा निम्न कार्बन उत्सर्जक बनाने को लेकर यूएनईपी के सहयोग से राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयास को जान कर हमें बेहद खुशी हो रही है। यह सही दिशा में उठाया गया एक प्रमुख कदम है।

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उप मुख्यमंत्री प्रसाद ने कहा, “मुझे यह जानकार बेहद खुशी हो रही है कि बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभाव को कम करने तथा निम्न कार्बन उत्सर्जक विकास की रणनीति अपनाने के लिए यूएनईपी के साथ सहयोग करने का निर्णय लिया है। इससे राज्य में हरित प्रयासों जैसे जल जीवन हरियाली अभियान, कृषि रोड मैप, नवीकरणीय ऊर्जा नीति, स्वच्छ ईंधन नीति आदि को बल मिलेगा।”

पटना,मुजफ्फरपुर और गया में काम हो चुका है शुरू

जलवायु परिवर्तन मंत्री सिंह ने बताया कि बिहार में जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों को कम करने के लिए यूएनईपी के साथ आज यहां एक ऐतिहासिक समझौता हुआ। उन्होंने बताया कि बिहार सरकार राज्य के लोगों के प्रदूषण से निजात दिलाने के लिए लगातार काम कर रही है। इसके तहत राज्य सरकार ने राज्य के तीन प्रमुख शहरों पटना,मुजफ्फरपुर तथा गया को चिह्नित किया है और इन जगहों पर इस दिशा में कार्रवाई शुरू कर दी है।

उन्होंने बताया कि इसके लिए इन शहरों में सीएनजी पम्प लगाने तथा पीएनजी पाइप लाइन बिछाने का काम जोर शोर से जल रहा है। उन्होंने प्रदूषण को कम करने के लिए हमने 15 साल से अधिक समय के पुराने वाहनों सड़कों से हटाने की दिशा में भी कार्रवाई शुरू की है। साथ ही हम छोटे वाहनों को सीएनजी में तब्दील करने का काम किया जा रहा है और कुछ समय बाद हम बसों को भी सीएनजी में बदलने का काम करेंगे।

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संरा के सहायक महासचिव सत्या एस. त्रिपाठी ने कहा, “यूएनईपी निम्न कार्बन उत्सर्जक अर्थव्यवस्था की विकसित करने की दिशा में भारत का मार्ग प्रशस्त करने में सहायक होने के लिए बिहार के साथ सहयोग करने को लेकर उत्सुक हैं। यूएनईपी तथा बिहार सरकार की यह भागीदारी सतत् विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

इन्पुट- यूनीवार्ता