दिल्ली : बिकरू कांड में विकास दुबे का दाहिना हाथ कहे जाने वाले अमर दुबे की नाबालिक पत्नी खुशी दुबे की जमानत याचिका पर बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया है। खुशी दुबे के वकील ने कहा कि मामले में जल्द सुनवाई की जाए क्योकि वह बीते एक साल से जेल में है। सुप्रीम कोर्ट ने जल्द सुनवाई की मांग पर कहा हम देखेंगे, सुप्रीम कोर्ट ने कहा पहले नोटिस सर्व हो जाए, हम जल्द सुनवाई कर लेंगे।


खुशी दुबे ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि गिरफ्तारी के समय खुशी दुबे की आयु 17 साल 10 महीने कुछ दिन थी‌। गिरफ्तारी से सात दिन पहले उसकी शादी हुई थी। वकील ने कहा एक साल से ज़्यादा समय से जेल में है, सरकार ने उसके खिलाफ चार महीने बाद दूसरे मामले भी दर्ज कर दिया। खुशी के वकील ने कहा कि घटना से कुछ दिन पहले उसकी कुछ दिन पहले शादी हुई थी, उसका इन सब से कुछ नहीं लेना देना है, उसके पिता पेंटर है।


आखिर कौन है खुशी दुबे

खुशी दुबे बाराबंकी के बाल संरक्षण गृह में बंद है. पुलिस ने अमर दुबे की शादी के ठीक 5वें दिन बिकरू कांड में उसकी पत्नी को आरोपी बना दिया था। अमर दुबे, कुख्यात अपराधी विकास दुबे का दाहिना हाथ था। 29 जून को उसकी शादी खुशी दुबे के साथ हुई थी।

कानपुर के बिकरू कांड से कैद में है खुशी

कानपुर जिले का बिकरू गांव, उस वक्त चर्चा में आया था जब गैंगस्टर विकास दुबे ने 2 जुलाई 2020 की रात अपने साथियों के साथ मिलकर 8 पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी थी। हत्या के बाद यूपी एसटीएफ ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर विकास दुबे और उसके 5 सहयोगियों को अलग-अलग एनकाउंटर में ढेर कर दिया था।