फर्रुखाबाद :: जनपद फर्रुखाबाद के लाल ने अदम्य साहस का परिचय दे। खूंखारआतंकी को मौत की नींद सुला कर देश की सुरक्षा में अपना योगदान किया। जिसके एवज में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने प्रधानमंत्री की उपस्थिति में इस बहादुर सैनिक को शौर्य चक्र प्रदान कर सम्मानित किया । उनके इस साहस और बलिदानी कर्तव्य से जनपद फर्रुखाबाद का पूरे प्रदेश में ही नहीं वरन देश में नाम रोशन हुआ है। अपने इस लाल पर जनपद वासियों को गर्व महसूस हो रहा है । धन्य है वह मां जिसने ऐसे बहादुर सपूत सैनिक को जन्म देकर सेना में जाने के लिए प्रेरित किया। यह लाल जिले के कमालगंज क्षेत्र में स्थित गांव भटपुरा निवासी संतोष दुबे का पांच बेटों और दो बहनों में सबसे बड़ी संतान के रूप में जन्म लेने वाला था । अपनी शिक्षा पूर्ण करने के बाद देश की सेवा करने का जज्बा लिए आलोक कुमार दुबे ने 30 जून 2002 को राजपूत रेजीमेंट सेंटर फतेहगढ़ में सेना में भर्ती होकर अपना कार्य शुरू किया। प्रशिक्षण उपरांत हवलदार के रूप में उनकी नियुक्ति 22 जून 2019 को जब जम्मू कश्मीर में थी। उसी समय आतंकवादियों के होने की सूचना मिलते ही उच्च अधिकारियों के निर्देश पर आलोक कुमार दुबे अपनी सैनिक टुकड़ी के साथ वहां पहुंचे। उन्हें एक संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिया। उस पर वे नजर गड़ाए ही थे, कि उसी समय थोड़ी दूर पर स्थित एक गांव से चहल कदमी की आहट मिली। जहां से एक आतंकी ग्रुप सेना का सुरक्षा घेरा तोड़ने का प्रयास करते हुए घने जंगल की ओर बढ़ने की फिराक में था। हवलदार आलोक दुबे ने आगे बढ़कर जैसे ही उसे घेरे में लेना चाहा । उसी समय आतंकियों ने एक हैंड ग्रेनेड सैनिक टुकड़ी के ऊपर फेंक दिया ।जिस का बचाव कर जान हथेली पर लेकर हवलदार दुबे ने फायरिंग करते हुए अपनी जान की परवाह न कर अदम्य साहस का परिचय दे। एक खूंखार आतंकवादी को मौत के घाट उतार दिया। इस साहस और राष्ट्र सुरक्षा की भावना का आंकलन कर इस बहादुर सैनिक को शौर्य चक्र से नवाजा गया। शौर्य चक्र प्राप्त करने बाले जांबाज सैनिक के पिता इस समय मेरापुर थाना क्षेत्र के गांव गुरऊ शादी नगर में रह रहे हैं। जबकि हवलदार आलोक कुमार दुबे का परिवार मरनेनी चौराहा फर्रुखाबाद में बने अपने निजी आवाज में रह रहा है। यहीं इनकी पत्नी पूजा अपनी दो बेटियों और एक बेटे के साथ निवास करती हैं । जबकि इनके पति हवलदार आलोक कुमार दुबे सेना में रहते हुए अपने कर्तव्य का पालन कर रहे हैं।

फर्रुखाबाद से जयपाल सिंह यादव / दानिश खान की रिपोर्ट