सिरोही(राजस्थान) : जिला पुलिस अधीक्षक सिरोही हिम्मत अभिलाष आई.पी.एस. द्वारा दिनांक 04.02. 2021 को पुलिस थाना पालडी एम हल्का क्षेत्र के गांव अरठवाडा मे एक सर कटी लाश मिलने की सनसनीखेज घटना की गम्भीरता से लेते हुए मिलन कुमार जोहिया अति. पुलिस अधीक्षक सिरोही के निकटतम सुपरविजन व मदनसिंह चैहान उप अधीक्षक पुलिस वृत सिरोही के नेतृत्व मे पाॅच विशेष टीमें गठीत की थी।

जिसपर अभियुक्त हंसाराम मेघवाल , शैलेष उर्फ कैलाश उर्फ गुडी बाल्मिकी , अशोक मेघवाल निवासी अरठवाडा को दस्तयाब कर विशेष तकनिकी व मनोवैज्ञानिक तरीके से इनसे पुछताछ करने पर दिनाक 04.02.2021 को मिली लाश जिसमें सर व धड नंशस तरीके से अलग किये गये को पहचान मिटाने के उद्देश्य से सरहद अरठवाडा मे डालना व जुर्म स्वीकार किया। जिस पर पुछताछ के बाद तीनो अभियुक्तों को गिरफतार किया गया।

गौरतलब है कि दिनांक 04.02.2021 को गांव अरठवाडा मे सुबह ग्रामीणो से सूचना मिली की अरठवाडा से भेव जाने वाले सडक पर बाई तरफ ग्रेवल रोड बागसीन गांव की तरफ जाती है वहा पर बबुल की झाडियो मे एक जवान व्यक्ति गर्दन कटी लाश मिलने की ईत्तला पर एक व्यक्ति की बिना सर की अर्ध नग्न हालात मे लाश मिली जिसकी गर्दन कटी हालात मे थोडी दुर पडी दिखी ।

गर्दन को पुर्ण रूप से सबुत नष्ट करने के आश्य से नौचा गया था। पहचाने योग्य चमडी ,बाल,नाक, आंख , मुह , कान आदि नही पाये गये जिसकी किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा मारकर सबूत नष्ट करने के आश्य से सुनसान जगह मे जाकर डाला है। मौके पर खून से सनी हुई साॅल व खून सूखा हुआ काला पुराना जेकेट पहना हुए उस व्यक्ति की कही पर अज्ञात लोगो द्वारा हत्या कर सबूत नष्ट करने के उद्देश्य से यहा लाकर डाली है। जिस पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए छानबीन शुरू कर दी।

पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद 5 फरवरी को इस लाश की पहचान मृतक रतनलाल पुत्र हकमाराम जाति मेघवाल निवासी अरठवाडा के रूप में हुई । पुलिस ने कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए इस मामले की तफ्तीश गहनता से की और कार्रवाई करते हुए। जिला पुलिस अधीक्षक सिरोही ने तत्काल उक्त घटना को राजफाश करने हेतु अति पुलिस अधीक्षक सिरोही के निकटतम पर्यवेक्षण एवं मदन सिंह उप अधीक्षक पुलिस के नेतृत्व में 5 टीमों का गठन किया गया था। महानिरीक्षक पुलिस जोधपुर रेंज जोधपुर द्वारा भी स्वयं घटना स्थल का निरीक्षण कर घटना में अज्ञात अभियुक्तो की गिरफ्तारी हेतु दिशा निर्देश दिये गये ।

तो वही गाॅव में इस तरह की नृशंस हत्या कर सर कटी लाश को फेकने से ग्रामीणो में भारी रोष था। ग्रामीणो द्वारा उक्त घटना में संलिप्त अभियुक्तो को हर सुरत में गिरफ्तार करवाने हेतु धरना प्रदर्शन करते हुये ज्ञापन भी दिया गया। टीम द्वारा रात-दिन लगातार कार्य करते हुए घटना से संबंधित हर बारीक पहलु की गहनता से जाॅच करते हुये अन्ततः कडी से कडी जोडते हुये इन अभियुक्तों द्वारा की गई
वारदात का राजफाश करने मे पुलिस सफल रही ।

जांच के दौरान पता चला कि मृतक रतनलाल मेघवाल निवासी अरठवाडा का ससुराल इसी गांव में है तथा आरोपी हंसाराम उसका साला है। मृतक रतनलाल शराब पीने का आदी था तथा इसके विरूद्व पूर्व में वर्ष 2005 में गांव की ही एक बैल जोडी चोरी करने का तथा वर्ष 2009 में गांव राडबर में एक झोपडा जलाने का प्रकरण दर्ज हुआ था। मृतक रतनलाल अपनी पत्नी को भी परेशान करता था। जिससे पत्नी अपनी पीहर में रहने लगी। वहाॅ पर जाकर भी झगडा करने पर वर्ष 2016 में उसके
साले आरोपी हंसाराम ने उसके साथ मारपीट की जिस पर हंसाराम के विरूद्व मारपीट का मुकदमा मृतक रतनलाल ने दर्ज करवाया।

इसी दौराने मृतक की पत्नी ने भी मृतक के विरूद्व दहेज प्रताडना का प्रकरण दर्ज करवाया। दिनाक 29.1.21 को मृतक रतनलाल ने अपनी पत्नी के साथ झगडा किया तथा लाठी लेकर ससुराल के घर पर भी गया। उस दिन से आरोपी हंसाराम ने मृतक रतनलाल की हत्या करना तय कर लिया। इसमें सहयोग के लिये उसने अपने ट्रेक्टर पर चलने वाले मजदूर शैलेष उर्फ कैलाश उर्फ गुडी वाल्मिकी व अशोक कुमार मेघवाल को शरीक किया।

जानिए क्या था “साले का षड्यंत्र”

योजनाबद्ध तरीके से 2 फरवरी को मृतक रतनलाल शाम को गांव के शराब ठेके पर शराब पीकर करीब आठ-साढे आठ बजे अस्पताल व रामदेवजी के मदिर के बीच आया तो आरोपी हंसाराम को मृतक उस समय दिखने पर उसने उक्त दोनों सहयोगियो को बुलाकर शराब के पैसे देकर मृतक को और अधिक शराब पिलाने एवं गाव से बाहर ले जाने को कहा। जब मृतक शराब पीकर बैसुध हो गया। तब आरोपी हंसाराम अपनी ट्रेक्टर ट्रोली घर से लेकर वहाॅ आया व इन तीनों ने मृतक को ट्रोली में डालकर गागा क्षैत्र की ओर लेकर गये। जहाॅ पहले मृतक को इन्होने गला घोटकर मारा फिर काफी देर बाद अपने साथ लाये हथियारों से गरदन काटी व सिर की खाल उतारी। इस मृत शरीर को अच्छी तरह से लपटकर आरोपी हसाराम के खेत में छुपाया। दुसरे दिन यहाॅ से मृत शरीर लेकर गाव के शराब ठेके के पास स्थित बबूल की झाडियो मै धड व सिर को रखकर व मृतक की पेंट को आधी उतारकर चले गये। इस स्थान पर धड व शरीर को रखने सिर की खाल उतारने व पेट उतारने के पीछे मुख्य आरोपी का यह षडयंत्र था की पहचान होने पर मृतक के शराबी प्रवृति का होने से ग्रामवासियो व पुलिस को ऐसा लगे कि मृतक ज्यादा शराब पीने पर किसी के घर मे घुसा होगा व उन्होने यह घटना की होगी। खाल उतारने से ऐसा लगे कि 29.1.2021 को मृतक का एक वाल्मिकी समाज के लडके के साथ कहासुनी हुई थी। इसलिये शक उसपर चला जायेगा।

दिनांक 2.2.21 कोलाश मिलने पर उक्त
तीनों आरोपी पूर्व सलाह के अनुसार घटना स्थल पर भी आये ताकि किसी को उन पर शक न होवे। उसी दिन मृतक के पुत्र द्वारा लाश देखने पर कपडो से उसने मन ही मन अपने पिता की लाश होने का अंदेशा हुआ तो उसने घर जाकर अपने मामा आरोपी हसाराम को यह बात बतायी परन्तु आरोपी हसाराम ने इस बात पर कोई गोर नही किया।

आपको बता दें कि पुलिस ने तफ्तीश करते हुए घटना का सफल अनावरण किया एवं आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा। पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपी हंसाराम पुत्र कुपारामजी व शैलेष उर्फ कैलाश उर्फ गुडी पुत्र लक्ष्मण और अशोककुमार पुत्र वनाजी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

रिपोर्ट : हेमंत अग्रवाल

राजस्थान ब्यूरो