चित्रकूट (उत्तर प्रदेश): उत्तर प्रदेश में जेल प्रशासन के सुरक्षा नीति पर सवालिया निशान खड़ा हुआ है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पता चला है कि उत्तर प्रदेश की चित्रकूट जिला जेल कारागार गोलियों की तरह तरह से गूंज उठा। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आपको बता दें कि जिला जेल रगौली में दो कैदियों में विवाद इसकी वजह बनी। जिसमें कई राउंड फायरिंग भी हुई जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई।


सूत्रों खबर मिली है कि चित्रकूट जिला जेल में हुई गोलीबारी में पश्चिमी यूपी के गैंगस्टर मुकीम काला की हत्या, गैंगस्टर मुकीम काला और मेराजुद्दीन की हत्या। आपको बता दें कि वाराणसी से चित्रकूट जेल भेजा गया था। मेराजुद्दीन जिसकी आज हुई गोलीबारी में मौत हो गई। वही सूत्रों से खबर है कि पुलिस कार्यवाही में बदमाश अंशुल दीक्षित भी मारा गया। पूरी जिला जेल को छावनी में तब्दील कर दिया गया है।

कानून व्यवस्था पर फिर उठे सवाल

उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में घटित घटना से प्रदेश की कानून व्यवस्था सवालों के घेरे में आ गई है। अपराधियों के लिए बनाई गई जेल सुरक्षित मानी जाती है लेकिन अपराधी जेल के अंदर भी बेखौफ है यह तो आज की घटना देख कर पता चलता है। आखिर जेल के अंदर बंद बदमाशों के पास अवैध असलहा कैसे पहुंचा। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आपको बता दें कि बदमाश अंकुश दीक्षित के पास कहीं से अवैध असलहा आ गया। जिसके बाद उसने पश्चिमी यूपी के गैंगस्टर मुकीम काला और मेराजुद्दीन की हत्या कर दी। जैसे ही गोलीबारी हुई तो जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। जिसके बाद अपराधी पुलिस के ऊपर फायरिंग करने लगा। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में अंकुश दीक्षित भी मारा गया।