CAG ने उठाये थे राफेल के ऑफसेट क्लॉज़ पर सवाल, सरकार ने बदल दिया नियम

by shubham

नई दिल्ली: ऑफसेट पालिसी के अनुसार 300 करोड़ से ऊपर के रक्षा सौदों में कॉन्ट्रैक्ट पाने वाली विदेशी कंपनी को डील राशि के 30% का रिसर्च एवं इक्विपमेंट्स में भारत में ही खर्च करना होता है | पिछले दिनों CAG ने संसद में रखी अपनी रिपोर्ट में कहा कि राफेल सौदा मामले में सरकार की ऑफसेट पालिसी का उल्लंघन किया गया है | जिसमे ऑफसेट की राशि डील का 50% थी |

विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार को निशाने पर ले रहा है | वहीँ दूसरी ओर सरकार की ओर से कहा गया ही कि रक्षा सौदों की ऑफसेट नीति में बदलाव किये गए हैं | अब सरकार की किसी अन्य देश की सरकार से होने वाली डील, सिंगल सेलर डील में ऑफसेट पालिसी लागू नहीं होगी |

CAG ने यह भी कहा है सिर्फ राफेल ही नहीं उससे पहले भी कई ऐसे रक्षा सौदे हुए हैं जिनमे ऑफसेट पालिसी का पूरी तरह पालन नहीं हुआ | साथ ही डील में कोई भी ऐसा दिशा निर्देश नहीं है जिससे ऑफसेट पालिसी पूरी न करने वाली कंपनियों पर जुर्माना लगाया जा सके |

ऑफसेट पालिसी के अंतर्गत किसी भी कंपनी ने उपकरण बेचने की बाद उसकी टेक्नोलॉजी ट्रांसफर नहीं की है | जबकि ऑफसेट पालिसी के तहत ऐसा किया जाना अनिवार्य है |

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