Kitabi Kona  Pustak Paricharcha 

डॉ. बलदेव प्रसाद मिश्र के जीवन पर आधारित दो पुस्तकों का हुआ विमोचन

डॉ. बलदेव प्रसाद मिश्र के जीवन पर आधारित दो पुस्तकों का हुआ विमोचन छत्तीसगढ़ हिंदी साहित्य परिषद एवं शास दू ब महिला महाविद्यालय के हिंदी विभाग द्वारा साहित्य मनीषी डॉ बलदेव प्रसाद मिश्र की स्मृति में कार्यक्रम रखा गया ,जिसमें इंक पब्लिकेशन प्रयागराज से प्रकाशित डॉ. बलदेव प्रसाद मिश्र के सम्पूर्ण जीवन पर आधारित, डॉ आभा तिवारी की दो पुस्तकों - डॉ बलदेव...
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मेरे उर से आनन्द-निर्झरी झरती है और डॉ. बलदेव प्रसाद मिश्र

मेरे उर से आनन्द-निर्झरी झरती है और डॉ. बलदेव प्रसाद मिश्र हाल ही में आभा तिवारी द्वारा डॉ0 बलदेव प्रसाद मिश्र पर लिखित दो पुस्तकें इंक पब्लिकेशन प्रयागराज से प्रकाशित हुई है - डॉ0 बलदेव प्रसाद मिश्र एवं मेरे उर से आनंद निर्झरी झरती है।  प्रथम पुस्तक में डॉ0 बलदेव प्रसाद मिश्र के बहुआयामी व्यक्तित्व का सूक्ष्म अंकन किया गया है।...
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समाज की काली परत को खुरचती कहानियां

समाज की काली परत को खुरचती कहानियां विविध विषयक कहानियों से सुसज्जित इस कहानी संग्रह 'शीरो' में कई मुद्दों को नये रूप में प्रस्तुत किया गया है तो कई समस्याओं का समाधान भी प्रस्तुत किया गया है।  अत्यल्प समय में लगभग दहाई अंक में अपनी कई विविध विधात्मक पुस्तकों से हिन्दी साहित्य की सेवा करते रहनेवाले रचनाकार...
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इंक प्रकाशन की कृति बकलोली की पराकाष्ठा के लिए विनोद विक्की को शब्द गुंजन सम्मान-2021  

इंक प्रकाशन की कृति बकलोली की पराकाष्ठा के लिए विनोद विक्की को शब्द गुंजन सम्मान-2021    श्री विभगुंज वेलफेयर सोसायटी भोपाल के आयोजन में भोपाल से प्रकाशित मासिक पत्रिका साहित्य समीर दस्तक द्वारा हिन्दी साहित्य की विभिन्न विधाओं की कृतियों पर दिए जाने वाले शब्द गुंजन सम्मान-2021 हेतु व्यंग्य विधा के तहत  खगड़िया (बिहार) के व्यंग्यकार विनोद कुमार विक्की का चयन किया गया है।उनकी प्रविष्टि कृति...
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चर्चा का विषय - 'सोशल मीडिया के दौर में किताबें'

चर्चा का विषय -  'सोशल मीडिया के दौर में किताबें' ग़ाज़ियाबाद उत्तर प्रदेश से पथगामिनी आभासीय पटल की संस्थापिका श्रीमती मंजुला श्रीवास्तवा द्वारा उपर्युक्त महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा का आयोजन किया। गया। आयोजन की शुरुआत संस्थापिका ने शफदर हाशमी की कविता 'किताबें कुछ कहना चाहती हैं' से की। कार्यक्रम की संचालिका युवा छात्रा लखनऊ विश्वविद्यालय की वालंटियर और SWF संस्था...
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कविता : असफल-प्रेम!

कविता : असफल-प्रेम! जब सूखी मिट्टी को नमकीन पानी से सेंकते हुए सोंधी-सोंधी महक में लब़रेज प्रेमिका चाक पर गढ़ती रही अपने जिस्म को परत-दर-परत  तो महज़ बना लेना चाहती थी कोई आकर्षक छबि !    बड़ी जद्दोजहद के बाद  अपनी ही बुझी आँखों में  झाँकती रही मौन  घंटों..निहारती रही वो खुद को गला...
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कविता संग्रह — “ खुद की स्याही से” – भावना सिंह भावनार्जुन

कविता संग्रह — “ खुद की स्याही से” – भावना सिंह भावनार्जुन   शीर्षक से ही ध्वनित होता है कि अपने आस पास की परिस्थिति एवं भाव बिंदुओं को कवियत्रि ने बहुत ही  सलीके से सहेजा है और उन्हें अनुभूति का स्वर दिया है । स्वांत: सुखाय सर्वजन हिताय के उद्देश्य को पूरा करते हुये यह संग्रह आशा का संचार करते हुये “...
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व्यंग : एक दिन का थानेदार

व्यंग : एक दिन का थानेदार व्यंग्यकार अरविंद तिवारी चर्चित और अग्रणी व्यंग्यकारों में शुमार हैं।उनके चार व्यंग्य उपन्यास प्रकाशित हैं,चर्चित हैं और इनमें से तीन अच्छे संस्थानों से पुरस्कृत हैं। डेढ़ दर्जन पुस्तकों के लेखक अरविंद तिवारी का दसवां व्यंग्य संग्रह "एक दिन का थानेदार"है जो इंक पब्लिकेशन प्रयागराज से प्रकाशित हुआ है।इस व्यंग्य संग्रह...
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पुस्तक समीक्षा : लवलीन

पुस्तक समीक्षा : लवलीन कृति : उपन्यास ‘’लवलीन ‘’ उपन्यासकार : श्री विवेक रंजन 'विवेक' लेखक या कवि अपनी बात को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने के लिए गद्म अथवा पद्म शैली का चयन अपनी सुविधा अनुसार करते हैं, अमूनन जिस शैली में वो अपने विचारों को अभिव्याक्ते करने में स्वयं को सहज...
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संगमरमर की रूहें : साल के बारह महीने की तरह बारह जीवंत कहानियो का संग्रह

संगमरमर की रूहें : साल के बारह महीने की तरह बारह जीवंत कहानियो का संग्रह संगमरमर की रूहें ( पाठक की नज़र से)    “संगमरमर की रूहें” कहानी संग्रह का शीर्षक ही पाठक को अपनी तरफ़ खींचता है। लेखक (श्री गौतम कुमार सागर) का यह पहला कहानी संग्रह है। कुल बारह कहानियों का गुलदस्ता... या कहें बारह महीने की तरह बारह कहानियाँ जीवन के सभी लेखक...
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कविता : हमसफर का साथ छोड़ जाना

कविता : हमसफर का साथ छोड़ जाना कविता : हमसफर का साथ छोड़ जाना
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कविता : आम का पेड़

कविता : आम का पेड़ कविता : आम का पेड़
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