चेयरमैन का तालाब घोटाला, जांच तो हुई लेकिन कोई कार्यवाही नहीं

by vaibhav

हाथरस। नगर पालिका परिषद हाथरस में चेयरमैन आशीष ने जमकर करोड़ों के वारे न्यारे किये हैं। जब नगर पालिका को लूटने से मन नहीं भरा तो जमीनों, प्रतिष्ठानों पर कब्जे करना शुरू कर दिया। नगर पालिका में चेयरमैन द्वारा किये गए घोटालों की जांच हेतु सांसद की अध्यक्षता में जांच समिति का गठन भी हुआ था। जांच में जिया एंटरप्राइजेज फर्म जांच में दोषी भी पाई गयी थी जिसका खुलासा हमने  करीब 9 महीने पहले भी किया था। जिया एंटरप्राइजेज ने नियमों का पालन नहीं किया था।

तत्कालीन जिलाधिकारी डॉ0 रमाशंकर मौर्य ने दिनांक 12 दिसम्बर 2018 के कार्यालय ज्ञाप में उल्लेख किया था कि सांसद लोकसभा क्षेत्र हाथरस की अध्यक्षता में आयोजित स्वच्छ भारत मिशन (नगरीय) की बैठक में निम्नांकित कार्यों की समिति बनाकर जांच कराने की अपेक्षा की गई है। निम्नांकित बिंदु -1 – 14 वें वित्त के अंतर्गत तालाब चौराहे पर सौंदर्यीकरण हेतु स्वीकृत धनराशि के सापेक्ष अधिक धनराशि की निविदाएं को आमंत्रित किये जाने में बरती गयीं अनियमितताओं  के सम्बंध में ।बिंदु -2- जिया एंटरप्राइजेज को ठेके दिए जाने में बरती गई अनियमितता के सम्बंध। बिंदु-3- नगर पालिका हाथरस के अंतर्गत ठंडा पानी के विक्रय का ठेका दिए जाने में बरती गई अनियमितता के सम्बंध में। इन तीन कार्यों की जांच के लिए जांच समिति का गठन किया गया । इस जांच समिति का अध्यक्ष अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व हाथरस को बनाया गया । अपर जिलाधिकारी के अलावा समिति में अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी, वरिष्ठ कोषाधिकारी और अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद को सदस्य बनाया गया। 

इन तीनों बिंदुओं की जांच हुई और जांच में पाया गया कि तालाब के सौंदर्यीकरण का चेयरमैन ने पिछले ठेके को निरस्त कर दूसरा ठेका अधिक धनराशि की निविदाएं निकालकर ऐसी ऐसी फर्मो को दे दिया गया जो जांच में खरी नहीं उतरीं। ठंडे पानी के ठेके में तो बड़ी ही धांधलीबाजी चेयरमैन ने की है। सालों से बंद पड़े एक प्लांट को अपने करीबी से चालू दर्शाकर करीब दो करोड़ का पानी घोटाला  चेयरमैन ने कर डाला।

  • रिपोर्ट :- कैलाश पौनियां विद्रोही

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