सिरोही । जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जिला एवं सेशन न्यायाधीश विक्रान्त गुप्ता की अध्यक्षता में प्राधिकरण की बैठक का आयोजन किया गया । जिसमें राजस्थान पीड़ित प्रतिकर स्कीम के तहत लंबित प्रार्थना पत्रो पर विचार किया गया। प्राधिकरण के सचिव सूर्यप्रकाश पारीक ने बताया कि इस बैठक में अपराध से पीड़ित विभिन्न व्यक्तियों के 84 मुआवजा प्रार्थना पत्रों पर विचार किया गया जिनमें से 6 प्रार्थना पत्रो में पीड़ित/आश्रितो को 13 लाख 75 हजार रूपये का मुआवजा दिलाये जाने के आदेश पारित किये गये। उक्त मुआवजा हत्या, बलात्कार, पोक्सो अधिनियम के अपराध आदि मामलों से पीड़ित व्यक्तियों एवं मृतकों के आश्रितगण को दिलाए जाने का निर्णय लिया गया। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार एवं राजस्थान उच्च न्यायालय के एकलपीठ एवं खण्डपीठ के द्वारा पारित निर्णयो के प्रकाश में प्राधिकरण के समक्ष लंबित कुल 77 पीड़ित प्रतिकर प्रार्थना पत्रो जो अज्ञात वाहन की टक्कर से मृत्यु कारित करने/घोर अथवा साधारण उपहति कारित करने से संबंधित थे, को इस बैठक के माध्यम से खारिज कर निस्तारित किया गया।
इस बैठक में जिला कलक्टर भगवती प्रसाद, जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह यादव, विशिष्ट न्यायाधीश पोक्सो प्रकरण अजिताभ आचार्य, न्यायाधीश एमएसीटी झूमरलाल चैहान, विशिष्ठ न्यायाधीश अजा/अजजा (अ.नि.) सुश्री वमिता सिंह़, बार एसोशिएसन अध्यक्ष मानसिंह देवडा एवं लोक अभियोजक दिनेश राजपुरोहित आदि उपस्थित रहे। कोरोना महामारी को ध्यान में रखते हुए बैठक आफलाईन के साथ-साथ वर्चुअल माध्यम से आयोजित की गई।
इसी के साथ-साथ प्राधिकरण की साप्ताहिक विचाराधीन बंदी समीक्षा समिति की बैठक का भी आयोजन किया गया। बैठक के अन्तर्गत सिरोही जिले के न्यायालयो में विचाराधीन प्रकरणों में न्यायिक अभिरक्षा से कारागृहो में निरूद्ध बंदियो के प्रकरणो पर राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की एसओपी के तहत 14 श्रेणीयो में कवर होने वाले बंदियो के प्रकरणों पर विचार किया गया एवं नियमानुसार अनुशंषा की गई। इस बैठक में जिला कलक्टर सिरोही भगवती प्रसाद, जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह यादव द्वारा आनलाईन माध्यम से भाग लिया गया।
राजस्थान पीड़ित प्रतिकर स्कीम राज्य सरकार की एक स्कीम है जिसको राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा लागू किया जा रहा है और इस स्कीम के तहत गंभीर, जघन्य अपराधों व बड़े अपराधों जैसे हत्या बलात्कार, गंभीर चोटों के मामले, एसीड अटैक के मामले आदि में पीड़ितगण तथा मृतक के आश्रितगण को मुआवजा राशि दिलाये जाने का प्रावधान किया गया है जिससे अपराध से पीड़ित व्यक्तियों को आर्थिक सहायता व सम्बल मिल सके।

रिपोर्ट हेमन्त अग्रवाल राजस्थान ब्यूरो चीफ