अजमेर : राजस्थान में अजमेर के जिला कलेक्टर के निर्देश पर ऐतिहासिक आनासागर झील से निकाले जा रहे पानी पर मानव अधिकार परिषद के अध्यक्ष एवं युवा कांग्रेसी शैलेश गुप्ता ने कड़ा एतराज करते हुए इसकी निंदा की है।

गुप्ता ने एक बयान में कहा कि अजमेर प्रशासन ने जाने किसके दबाव में बिना सोचे समझे पिछले दस दिनों से आनासागर से पानी निकासी का काम कर रहा है जिसके दुष्परिणाम यह हो रहे हैं कि आनासागर के किनारे सैंकड़ों मछलियां दम तोड़ रही है और नगर निगम की ओर से मृत मछलियों को निकालने का काम भी नहीं किया जा रहा है जिसके चलते आनासागर के चारों ओर किनारे पर मछलियों व गंदगी की भरमार है।

उन्होंने आरोप लगाया कि स्मार्ट सिटी के ठेकेदार को मदद करने के उद्देश्य से पानी निकासी का षड्यंत्र रचा गया है। उन्होंने आनासागर के पानी को स्वच्छ करने के लिए बंद पड़े सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट को भी चालू कराने की मांग की। साथ ही मछलियों की जीवन रक्षा के लिए तुरंत कारगर कदम उठाने अथवा पानी निकासी बंद करने की मांग की है।

उल्लेखनीय है कि बीते कल पूर्व शिक्षा मंत्री वासुदेव देवनानी ने भी आनासागर के चारों ओर बन रहे पाथवे निर्माण के संदर्भ में आनासागर की भराव क्षमता सोलह फीट से तेरह फीट करने और अब तेरह फीट से भी कम करने पर उंगली उठाई थी।

वार्ता