हाथरस काण्ड के विरोध में कांग्रेस व दलित पैंथर का विरोध प्रदर्शन

by shubham

कानपुर: हाथरस काण्ड के बाद देश मे एक बार फिर से बवाल शुरू हो चुका है। जिसके चलते पूरे देश मे सामाजिक संगठन सड़को पर उतरकर सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन करने में जुटे हुए हैं। वहीं कानपुर में भारतीय दलित पैंथर ने जोरदार विरोध किया और प्रदेश सरकार की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े किए। जिसमें उनका कहना था कि हाथरस काण्ड में जितना दोषी हत्यारोपी हैं उतने ही दोषी पुलिस वाले भी हैं। जिन्होंने बेटी की लाश को रातों रात आग के हवालें कर दिया।

  आपको बतातें चलें कि हाथरस में एक बेटी की पहले आबरू के साथ खिलवाड़ किया और फिर बेरहमी से उसकी हत्या कर दी। वहीं हाथरस पुलिस ने भी न्याय की बजाय बेटी की डेड बॉडी को घर वालों के हाथों न सौंपकर दाह संस्कार कर दिया। जिसपर अब तक यूपी के डीजीपी हितेंद्र चंद्र अवस्थी से लेकर प्रदेश की यूपी सरकार चुप्पी साधे हुए हैं। जिसको लेकर भारतीय दलित पैंथर ने विरोध करके सरकार से सवाल किया है कि आखिर कब तक बेटियों की बलि इसी तरह चढ़ती जाए।

कांग्रेस ने भी किया प्रदर्शन

इसी कड़ी में आज कांग्रेसियों ने भी जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। शहर कांग्रेस कमेटी के बैनर तले निकले इस जुलूस को कचहरी के पास पुलिस ने रोक लिया। आक्रोशित कांग्रेसी सड़क पर ही बैठ गए और नारेबाजी करने लगे। पुलिस प्रशासन के साथ ही सरकार खिलाफ नारेबाजी होने के दौरान कुछ देर माहौल गर्माता नजर आया। आखिरकार अधिकारियों के समझाने पर कांग्रेसी शांत हुए और ज्ञापन देकर वापस चले गए।

आपको बता दें कि हाथरस में रेप पीड़िता दलित युवती की मौत के बाद कानपुर भी विरोध में देखे जा रहे हैं। कांग्रेसी आज तिलक हाल में इकट्ठा हुए और जुलूस की शक्ल में कांग्रेसी मेस्टन रोड , बड़ा चौराहा होते हुए एसएसपी कार्यालय की ओर बढ़ रहे थे , लेकिन उन्हें कचहरी के पहले ही रोक लिया गया।

कानपुर प्रभारी अंशु तिवारी के मुताबिक महिलाएं सुरक्षित नहीं है और यूपी पुलिस की भूमिका अत्यंत निंदनीय है। ऐसे में सरकार और महिलाओं की सुरक्षा के मामले में सरकार फेल हो चुकी है।

रिपोर्ट: कौस्तुभ शंकर मिश्रा

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