सफीपुर (उन्नाव):- बचपन में मम्मी पापा कि मुंह से आपने सुना होगा कि अगर शैतानी करोगे तो डॉक्टर से सुई लगवा देंगे। आपको पता होगा कि डॉक्टर इंसानों और जानवरों के अलग-अलग होते हैं। लेकिन आपको यह पता नहीं होगा कि इंसानों के डॉक्टर कभी-कभी ऐसा कारनामा भी कर देते हैं कि जिसे सुनकर आप अपनी हंसी नहीं रोक पाएंगे। कारनामा है सीएससी प्रभारी का जिन्होंने इंसान को नहीं बल्कि गुस्से में आकर एक प्रधान जी की कार के चारों पहियों में सुई लगा दी। मामला है उत्तर प्रदेश के उन्नाव जनपद के सफीपुर सीएससी का जहां सीएचसी प्रभारी के तानाशाही पूर्ण अमर्यादित अशोभनीय कृत्य से क्षुब्ध होकर मरीज को दिखाने आये निवर्तमान प्रधान ने जिलाधिकारी से शिकायत कर चिकित्सा अधीक्षक के द्वारा पद के गुरूर में देर शाम की गई दबंगई की जांच कराकर अनुशासनात्मक कार्यवाही करने की मांग की है।

मिली जानकारी के अनुसार आपको बता दें कि पीड़ित प्रधान के द्वारा जिलाधिकारी को मोबाइल के माध्यम से अवगत कराया गया था। कि विकासखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत रायपुर के निवर्तमान प्रधान जितेंद्र कुमार सिंह शुक्रवार देर शाम अपने निजी वाहन से गांव निवासी डिहाइड्रेशन से पीड़ित शिवबरन को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर चिकित्सक को दिखाने आया था।

वाहन को स्वास्थ्य केंद्र के अंदर खड़ा कर चिकित्सक को दिखाने चला गया था। तभी वहां पहुंचे दबंग किस्म के अपने अमर्यादित आचरणों के लिएं चर्चित चिकित्सा अधीक्षक डॉ शरद वैश्य ने वहां पहुंच अपने तानाशाही पूर्ण काम को अंजाम देते हुए उसके वाहन के चारों पहियों की हवा अपने गुर्गों से निकलवा दी ।गंभीर रूप से पीड़ित मरीज को भर्ती करा कर वापस लौटे पूर्व प्रधान जितेंद्र सिंह सीएचसी प्रभारी के इस अचंभित कर देने वाले कृत्य से क्षुब्ध हो बदहवास हो गए। चिकित्सा प्रभारी द्वारा किए गए दुर्व्यवहार पर जब उनसे मोबाइल से संपर्क किया तो उन्होंने बड़े ही क्रोध में अशोभनीय अमर्यादित भाषा का प्रयोग करते हुए परिसर में वाहन ना लाने की चेतावनी दी।

उक्त प्रकरण की आज जिलाधिकारी को जानकारी देते हुए पूर्व प्रधान ने चिकित्सा अधीक्षक की जांच करा कर उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही करने की मांग करते हुए पीड़ित ने न्याय की गुहार लगाई।

रिपोर्ट :- पंकज शुक्ला