कायमगंज(फर्रुखाबाद):: बदलते मौसम साथ ही नगर व कस्बों एवं ग्राम पंचायतों में मच्छर जनित रोगों की रोकथाम के लिए कीटनाशक दवाओं का समय से साथ ही उपयुक्त स्थानों पर एवं पर्याप्त मात्रा में छिड़काव न किए जाने के कारण तमाम प्रकार के कीटों, विषैले मच्छरों की भरमार हो चुकी है ।इन्हीं में से मच्छर जनित रोग डेंगू भी है। इसके सहित विभिन्न प्रकार के बुखार ने नगर तथा ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोगों को बड़ी संख्या में अपनी चपेट में ले लिया है। बढ़ते प्रकोप को देखकर शासन ने सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर उपचार के लिए पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश पहले ही जारी कर दिए थे।

किंतु और बहुत से अस्पतालों की तरह ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कायमगंज में डेंगू उपचार के लिए एक कक्ष को डेंगू वार्ड बता दिया गया था । किंतु धरातल पर यहां उपचार की वास्तव में व्यवस्था नहीं थी। आने वाले हर पीड़ित मरीज को रेफर दिखाकर जिला मुख्यालय स्थित डॉ राम मनोहर लोहिया अस्पताल के लिए भेज दिया जाता था। जब इस हकीकत से पर्दा उठाते हुए मीडिया ने पोल खोली तब जाकर कहीं आज , खबर के असर से कायमगंज सरकारी अस्पताल में भी डेंगू वार्ड में चिकित्सक की ड्यूटी लगाकर यहां आये महिला मरीज श्वेता [ 35 ]पत्नी गौरव निवासी बजरिया रामलाल कस्बा कायमगंज को भर्ती किया गया। इसकी जांच बाहर से करवाए जाने पर डेंगू पॉजिटिव पाई गई। का उपचार शुरू किया गया । डेंगू वार्ड में उपचार आज 15 सितंबर से ही शुरू होने की बात ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर ने भी स्वीकार की है। इससे पूर्व कल 14 सितंबर दिन मंगलवार को इसी अस्पताल में उपचार की उम्मीद से आए मरीज सीमा पत्नी जावेद निवासी लालबाग हमीरपुर तथा मिथिलेश पुत्र केसरी गांव बराविकू कायमगंज को रेफर किया गया था।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कायमगंज के अधीक्षक पहले से ही डेंगू वार्ड तथा उपचार की सभी सुविधाएं उपलब्ध होने का दावा कर रहे थे। किंतु यह केवल कागज पर ही दिखाई दे रहा था। इस तरह का कार्य करके भले ही स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार शासन को झूठी रिपोर्ट तो भेज देते हैं ।लेकिन जन सामान्य के स्वास्थ्य का हाल तो बेहाल ही बना रहता है।


रिपोर्ट :: जयपाल सिंह यादव/दानिश खान