न्यूज डेस्क। फेसबु​क में असली एकाउंट का क्लोन बनाकर उसके जान पहचान वालों से रुपये ऐंठनें का चलन पुराना हो चुका है। कई आम यूजर्स सहित कई अधिकारियों को भी इस समस्या का सामना करना पड़ चुका है। इन टप्पेबाजों ने इस बार पूर्व आईएएस अधिकारी व सैन्य अधिकारी राघवेन्द्र विक्रम सिंह को अपना शिकार बनाया है।

राघवेन्द्र विक्रम ने खुद इस बात की जानकारी देते हुए बताया कि किसी विनोद चावला नाम के व्यक्ति ने उनके नाम व फोटो का इस्तेमाल करते हुए एक फेक एकाउंट बनाया है एवं उनके जानने वालों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेज रहा है। https://www.facebook.com/vinod.vinodcawla नाम के इस यूआरएल का प्रयोग करते हुए इस आई डी को बनाया गया था , जिसे थोड़ी देर बाद डिएक्टिवेट कर दिया गया।

राघवेन्द्र विक्रम के पहले कानपुर देहात के जिलाधिकारी के नाम से भी फर्जी एकाउंट बनाकर रुपये ऐंठने की कोशिश की जा चुकी है। इसके अलावा आईआईटी कानपुर के होम्योपैथी कंसंल्टेंट संदीप मिश्रा के नाम से भी फर्जी एकाउंट बनाया जा चुका है।

https://www.facebook.com/photo?fbid=10219586816647807&set=a.1742628852337

लेकिन अभी तक इस तरह के साइबर अपराध करने वाले अपराधियों तक पुलिस पहुॅचने में नाकाम रही है।