उत्तर प्रदेश : वैसे भी उत्तर प्रदेश पुलिस के कई कारनामे सामने आते रहते हैं। लेकिन उत्तर प्रदेश पुलिस का एक रंग में जा चेहरा और सामने आ गया। पहले आपने सुना होगा कि थाने में फरियादी की फरियाद नहीं सुनी गई या पुलिस मामले सुनवाई नहीं कर रही। लेकिन उत्तर प्रदेश की राजधानी में एक ऐसा मामला सामने आया जिसे सुनकर आप उत्तर प्रदेश पुलिस को लेकर और हैरान हो जाएंगे।

मामला है उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ का जहां ससुराली जनों की प्रताड़ना से परेशान महिला जब फरियाद लेकर पुलिस के पास पहुंची तो रंग मिजाज दरोगा जी ने जो किया उससे फिर एक बार प्रशासन शर्मसार हो गया।

आपको बता दें कि लखनऊ के मोहनलालगंज कोतवाली पहुंची महिला दरोगाजी पर आरोप लगाया है कि इंस्पेक्टर दीनानाथ मिश्रा से महिला ने शिकायत की तो उन्होंने महिला को पहले गाना सुनाया फिर महिला से पूछा कि यह किस फिल्म का गाना है यह बताओ।

इंस्पेक्टर साहब ने आखिर गाया कौन सा गाना

फरियाद लेकर पहुंची महिला पहले से घायल थी जो सही स्थिति से चल भी नहीं पा रही थी। लेकिन रंग मिजाज इंस्पेक्टर साहब को तो गाना कौन सी फिल्म का है यह पता करना था। देखने से यह लगता है कि इंस्पेक्टर साहब फिल्में देख देख कर उत्तर प्रदेश पुलिस में भर्ती हुए हैं। फरियादी महिला से इंस्पेक्टर साहब ने गाना गुनगुनाते हुए। इंस्पेक्टर साहब ने गाया
(बड़ी देर हुई आपको आने में शुक्र है जो आप आए तो) यह गाना गाने के बाद इंस्पेक्टर साहब ने फरियादी महिला से फिल्म का नाम पूछा कि यह किस फिल्म का गाना है। हालात की मारी महिला फूट-फूट कर रोने लगी। इसके बाद उल्टे पांव लौट गई।


इसके बाद जब यह जानकारी टि्वटर ट्रेंड पकड़ा तब मामले की जाकर बड़े अधिकारियों को जानकारी हुई। फिर क्या था आला अधिकारियों ने इंस्पेक्टर साहब को फिल्म की जानकारी दी और जमकर क्लास लगाई। इसके बाद पीडि़ता की तहरीर पर उसके पति समेत अन्य ससुरालीजनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। मामले में इंस्पेक्टर दीनानाथ मिश्रा ने बताया कि रेनू के आरोप निराधार हैं। उसे कोई गाना नहीं सुनाया गया। तहरीर के आधार पर उसके पति राहुल, ससुर महेश, सास और दो ननद के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही की जा रही है। पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर ने डीसीपी साउथ रवि कुमार को मामले की जांच के आदेश दिए हैं। दो दिन के अंदर वह अपनी रिपोर्ट देंगे। उसके आधार पर आगे की कार्यवाही की जाएगी।