गणतंत्र दिवस: उत्तर प्रदेश की झांकी ‘श्री राम मंदिर’ को प्रथम पुरस्कार

नयी दिल्ली। गणतंत्र दिवस को राजपथ पर हुई परेड में इस वर्ष उत्तर प्रदेश की ‘अयोध्या में श्रीराम मंदिर’ झांकी को प्रथम स्थान मिला है। दूसरे स्थान पर त्रिपुरा और तीसरे स्थान पर उत्तराखंड की झांकी रही है।

केंद्रीय खेल एवं युवा कल्याण मंत्री किरेन रिजिजू ने गुरुवार को यहां रविंद्र रंगशाला में आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में उत्तर प्रदेश की झांकी को प्रथम स्थान प्राप्त होने पर राज्य के अपर मुख्य सचिव (सूचना) नवनीत सहगल एवं निदेशक (सूचना) शिशिर को ट्राफी प्रदान की। परेड में 17 राज्यों ने झांकी प्रस्तुत की थी।

त्रिपुरा की ‘पर्यावरण हितैषी आत्म निर्भर’ झांकी को दूसरा स्थान मिला है। उत्तराखंड की झांकी ‘केदारखंड’ को तीसरा स्थान मिला है। इस झांकी में श्री केदारनाथ के परिसर को पुननिर्माण को दर्शाया गया । उत्तराखंड की झांकी को पहली बार पुरस्कृत किया गया है।

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गणतंत्र दिवस के मौके पर उत्तर प्रदेश की झांकी के प्रथम भाग में महर्षि वाल्मीकि को रामायण की रचना करते हुये दर्शाया गया। मध्य भाग में जनभावनाओं एवं भक्ति से जुड़े अयोध्या की सांस्कृतिक पहचान के प्रतीक श्रीराम मन्दिर की प्रतिकृति प्रदर्शित की। इसके अलावा झांकी में भगवान राम का निषादराज को गले लगाना, शबरी के बेर खाना, अहिल्या उद्धार, केवट संवाद, भगवान हनुमान द्वारा संजीवनी बूटी लाना, जटायू राम संवाद, अशोक वाटिका आदि के दृश्य भी थे।

झांकी में अयोध्या के दीपोत्सव को भी दिखाया गया। इस उत्सव में लाखों दीप जलाये जाते हैं। वर्ष 2017 से लगातार भव्य दीपोत्सव के आयोजन को ‘गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड’ में लगातार तीन बार रिकार्ड दर्ज कराया है। झांकी के दोनों ओर साध्वी एवं संतों को दिखाया, जो प्रभु राम के प्रति भक्ति भावना एवं अनन्य प्रेम को प्रदर्शित करते रहे।

अयोध्या के राजा ब्रह्मा के पुत्र मनु के पुत्र इक्ष्वाकु की बसायी गयी अयोध्या उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक नगरी कहलाती है। इसे अष्टचक्र नवद्वार से युक्त अयोध्या कहा गया है जिसका वर्णन अथर्ववेद में है। वाल्मीकि द्वारा रचित रामायण में राम का जन्म स्थान अयोध्या है। श्रीराम जन्म भूमि अयोध्या पूरे विश्व में सनातन संस्कृति का प्रतीक स्थल है।

इन्पुट- यूनीवार्ता