कानपुर : कोरोना संक्रमण तेजी से पांव पसार रहा है। साथ ही साथ प्रशासन सजग है कि कहीं से भी कोई किसी भी तरह की कालाबाजारी ना कर सके। कानपुर पुलिस एवं एसटीएफ की टीम ने कालाबाजारी करने की फिराक में लगे चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आपको बता दें कि कानपुर की बाबू पुरवा पुलिस एवं एसटीएस की संयुक्त टीम ने कोरोना मरीजों को लगने वाला रे मेडिस्क्वेयर इंजेक्शन की कालाबाजारी करते हुए तीन संदिग्धों को दबोचा है। पता चला है कि पकड़े गए संदिग्धों से पुलिस गहनता से पूछताछ कर रही है।

पकड़े गए तीनों संदिग्धों के पास से ढाई सौ से ज्यादा इंजेक्शन बिना बैच नंबर और बिना बिल के बरामद हुए हैं। फिलहाल पुलिस पकड़े गए तीनों आरोपियों से पूछताछ करने में जुटी है हो सकता है कि पकड़े गए संदिग्धों से पूछताछ के दौरान बड़ा खुलासा हो सकता है। आपको बता दें कि यह मामला बाबू पुरवा थाने का है। फिलहाल पुलिस और एसटीएफ गिरफ्तार अभियुक्तों से पूछताछ कर रही है। एडीएम सिटी अतुल कुमार सिंह मौके पर मौजूद है।

पुलिस को कैसे लगी आरोपियों की भनक


मिलेट्री इंटेलिजेंस लखनऊ द्वारा एसटीएफ को पता चलाता है कि काफी दिनों से ड्रग्स सप्लायर ओं द्वारा कोरोना मरीजों को लगने वाला रे मेडिस्क्वेयर इंजेक्शन की कालाबाजारी की जा रही है। इसी कारण बस मार्केट में यह इंजेक्शन कम उपलब्ध हो रहा है। जबकि ड्रग्स सप्लायर इसे चोरी छुपे मार्केट में बड़ी कीमतों में सप्लाई कर रहे हैं। पुलिस ने मामले पर वैधानिक कार्यवाही की और पुलिस को जब मुखबिर द्वारा सूचना प्राप्त हुई की ड्रग्स सप्लायर कोविफार इंजेक्शन की कालाबाजारी कर रहे हैं। पुलिस ने मामले में तत्परता दिखाते हुए। मुखबिर द्वारा दी गई सूचना वाले स्थान पर पहुंच कर तीनों आरोपी मोहन सोनी(नौबस्ता, कानपुर), प्रशांत शुक्ला(गजनेर ,कानपुर देहात), सचिन कुमार(यमुनानगर ,हरियाणा) गिरफ्तार कर लिया। जिनके पास से पुलिस को 265 इंजेक्शन एवं तीन मोबाइल फोन बरामद हुए हैं।