कोरोना भारत में ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में तबाही मचाई हुए हैं। वियतनाम में कोरोना वायरस का एक वियतनाम में कोरोना वायरस का एक नया वैरिएंट मिला है। जो हवा में तेजी से फैलता है। यह वायरस अन्य देशों में कोविड वैरिएंट्स का मिलाजुला रूप है। इस बात की जानकारी यहां की स्थानीय मीडिया ने शनिवार को दी है। 

कोरोना संक्रमण वियतनाम में एक बार फिर कहर बरसा रहा है। वियतनाम में कोरोना के रूप में एक बार फिर तबाही नजर आ रही है। वियनताम में एक बार फिर वायरस के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इस देश की आधी से ज्यादा जमीन पर औद्योगिक क्षेत्र हैं। यहां कोरोना संक्रमण के 6,700 मामले और 47 मौत दर्ज की गई हैं। लेकिन अब यहां मिले वैरिएंट ने एक बार फिर दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। वैसे भी वैश्विक महामारी सभी देशों में कहर बरपा चुकी है। और इसका मंजर शायद ही है कोई ऐसा देश है जहां देखने को नहीं मिला।

आपको बता दें कि वियतनाम के स्वास्थ्य मंत्री विएन टान लॉन्ग  ने राष्ट्रीय स्तर पर हुई बैठक में कहा, ‘हमें एक नया वैरिएंट मिला है।’ उन्होंने बताया कि ये वैरिएंट तेजी से हवा में फैलता है। जो पहले की तुलना में अधिक घातक है। इसका जेनेटिक कोड जल्द उपलब्ध होगा। हालांकि उन्होंने ये नहीं बताया कि इस समय देश के भीतर इस वैरिएंट के कितने मामले हैं लेकिन इतना जरूर कहा कि जल्द ही वियतनाम जेनेटिक स्ट्रेन्स को लेकर घोषणा करेगा।

वियतनाम सरकार ने संक्रमण रोकने के लिए अपनाएं सख्त उपाय

वियतनाम में नए कोरोना वायरस के सिम्टम्स मिलने से देश के स्वास्थ्य मंत्रालय ने सख्त कदम उठाए हैं। इस वैरिएंट से पहले देश में कोरोना के सात अन्य वैरिएंट के मामले मिले थे। इससे पहले कोरोना नियंत्रण के लिए किए जा रहे सख्त उपायों के कारण सरकार को आलोचनाओं का सामना भी करना पड़ा था। यहां सरकार ने संक्रमण पर लगाम लगाने के लिए सख्त तौर पर कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग का काम किया है। अब नए वैरिएंट ने सरकार और बाकी लोगों को चिंता में डाल दिया है. जिसके चलते लोगों के सार्वजनिक स्थान पर जाने के लिए रोक लगा दी गई है।

वियतनाम सरकार ने कैफे रेस्त्रां जैसी सेवाओं को किया तत्काल बंद

वियतनाम की सरकार ने कैफे, रेस्त्रां, सलून और मसाज पार्लर जैसी सेवाओं को तत्काल प्रभाव से बंद करने के आदेश दिए हैं. 9.7 करोड़ की आबादी वाले इस देश में अभी तक दस लाख से थोड़े अधिक लोगों को ही वैक्सीन लगी है. हालांकि अब टीकाकरण की गति को बढ़ाया जा रहा है। सरकार ने साल के अंत तक हार्ड इम्यूनिटी हासिल करने का लक्ष्य रखा है। अधिकारियों ने लोगों और कंपनियों से पैसे दान करने को कहा गया है ताकि वैक्सीन खरीदी जा सकें।