वृद्धों का खुशाल जीवन सुनिश्चित करता हमीरपुर प्रषासन

by sachin

बढ़ते पश्चिमीकरण और अपनी संस्कृति से दूर जाता हमारा समाज कहीं न कहीं अपने संस्कारों और सभ्यता को भूलता जा रहा है। नई पीढ़ी के बढ़ते दुर्व्यवाहर और बुज़ुर्ग तथा वृद्धों के खिलाफ बढ़ते अपराध के बीच हमीरपुर से आती खबर भारतीय समाज के लिए एक एक उम्मीद की किरण हो सकती है।

वृद्धजनों के भरण पोषण एवं वृद्धाश्रम संचालन के संदर्भ में हुई बैठक में बुजुर्गों के हित मे कई फैसले लिए गए। जिलाधिकारी डॉ ज्ञानेश्वर त्रिपाठी द्वारा सभि उप जिलाधिकारियों को वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान, सुरक्षा तथा भरण पोषण सुनिश्चित करने का सख्त आदेश दिया है।

ज्ञानेश्वर त्रिपाठी द्वार खासकर कहा गया कि जनपद में किसी वरिष्ठ नागरिक के भरण पोषण व सम्मान में बाधा बनता कोई भी असामाजिक तत्व पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाए।

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कथित कार्यों की पुष्टि करते हेतु ज़िले के सभी थानों विकास भवन व कलेक्ट्रेट में वृद्धों की समस्याओं से सम्बन्धित अलग रजिस्टर बनाए जाने तथा उन्हें अंकित कर प्राथमिकता देते हुऐ गुणवत्ता पूर्ण समाधान देने की बात कही गई।

बैठक में लिए गए कई अहम फैसलों में से एक जनपद में रहने वाले सभी वृद्धों की सूची बनाना तथा अकेले रहने वाले बुजुर्गों की पहचान करना था। ज़िले में रहने वाले साभी वृद्ध पुरुषों व महिलाओं की समय समय पर जांच करवाने के फैसले पर भी सभी अफसरों ने फैसला लिया।

हमीरपुर के सभी वृद्धाश्रमों में पुरुष तथा महिलाओं के लिए रहने के स्थान अलग अलग बनाने और सभी आश्रमों में रैंप, बैसाखी व व्हीलचेयर की उपलब्धता सुनिश्चित करने का फैसला भी जिलाधिकारी द्वार लिया गया। निर्धारित मापदण्ड पर आधारित मेनू अनुसार पौष्टिक भोजन व बदलते ऋतु के लिए आवश्क वस्तु और कपड़े उपलब्ध कराए जाने की बात पर भी मोहर लगाई गई।

पेयजल हेतु आर ओ और मनोरंजन के लिए टीवी, पुस्तकों की व्यवस्था आश्रमों में रखी जायेगी। अपने माता पिता या किसी बुज़ुर्ग से दुर्व्यवहार करते पाए गए लोगों का चिन्हांकन करनेे तथा कार्यवाही करने की बात भी डॉ ज्ञानेश्वर त्रिपाठी द्वारा कही गई।

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