मस्तूरी : मस्तूरी विकासखंड के कई प्राथमिक शालाओं में कहीं शिक्षक दर्ज संख्या से अधिक हैं तो कहीं छात्राओं की दर्ज संख्या अधिक होने के कारण शिक्षक मुहैया नहीं हो पा रहा है छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार अभी प्रदेश में कहीं भी शिक्षा विभाग के नियम अनुसार अटैचमेंट ट्रांसफर आदेश जारी नहीं हुआ है लेकिन मस्तूरी क्षेत्र में कुछ ऐसे भी अधिकारी मौजूद हैं जो अपना जेब गर्म करने के चक्कर में क्षेत्र के शिक्षकों को मनचाहा जगह पर मोटी रकम लेकर अटैचमेंट कर रहे हैं।

मोटी रकम का बीईओ को इतना नशा है कि छात्रों के भविष्य पर भी नजर नहीं आ रहे ऐसे स्कूलों में शिक्षकों का अटैचमेंट कर दिया जा रहा है जहां पहले से ही शिक्षक की भरमार है और मस्तूरी क्षेत्र में कई पाठशाला हैं जहां अभी तक शिक्षक विहीन हैं। शिक्षा विभाग के जवाबदार अधिकारी होते हुए पहले प्राथमिकता शिक्षक विहीन स्कूलों को देना चाहिए जहां शिक्षक विहीन है लेकिन नगदी रकम का नशा इतना है कि जहां पा रहे हैं वहां शिक्षकों को अटैचमेंट कर उनके अटैचमेंट का खेला खेलकर शिक्षा विभाग मस्तूरी लंबी रकम ले रहे हैं। मस्तूरी के शिक्षा विभाग में ऐसी दर्जनो अनियमितताएं देखने को मिल रही है जिसको क्रम अनुसार प्रकाशित किया जाएगा शासन के आदेश को मस्तूरी बीइओ अपने कार्यलय के पीछे तालाब में डुबो दिया हैं।

जिसके कारण क्षेत्र में अटैचमेंट का खेला चल रहा है शिक्षा विभाग कार्यालय से लेकर क्षेत्र के प्रत्येक स्कूल में अटैचमेंट को लेकर मुद्दा गरमाया हुआ है लगभग प्रत्येक पाठ शालाओं में इच्छा अनुसार कोई भी शिक्षक कहीं भी मोटी रकम देकर अपना अटैचमेंट करवाने की जुगत में लगे हैं जिन्हें बकायदा शिक्षा विभाग से फोन करके उनसे राय भी मांगी जा रही है। ताजा मामला हम आपको छोटा सा एक उदाहरण देकर बताते हैं कि ग्राम पंचायत पचपेड़ी के प्राथमिक शाला में चार शिक्षकों का मनचाहा स्कूल में अटैचमेंट कर दिया गया है जबकि जहां-जहां भी उन चारों शिक्षक को अटैचमेंट किया गया है वहां पहले से शिक्षकों की कमी नहीं थी।

अटैचमेंट को लेकर मस्तूरी शिक्षा विभाग में एक गोरख धंधा चल रहा है। जिसकी कमीशन राशि ब्लॉक मुख्यालय से लेकर जिला मुख्यालय तक पहुंच रही। कमीशन खोरी का मामला मस्तूरी शिक्षा विभाग में इतनी सारी मामला है कि एक ही अंक में हम उसे प्रकाशित नहीं कर सकते। शिक्षा विभाग के ऐसे कई अनगिनत अनियमितताएं हैं जिसे हम प्रतिदिन एक नए-नए रूप में आप लोगों तक प्रकाशित करेंगे। इस मामले में-


बिलासपुर जिला शिक्षा अधिकारी एस के प्रसाद ने अपने जवाब दारी से पल्ला झाड़ते हुए कहते हैं कि वे अभी छुट्टी पर है तो कुछ नहीं कह सकते हैं ,तो ऐसे अधिकारी को हटा देना चाहिए शासन कोजो शिक्षा विभाग के बारे में कुछ जानकारी ही ना रखता हो। वही इस मामले पर-

ब्लाक शिक्षा अधिकारी मस्तूरी अश्वनी भारद्वाज का कहना है कि वे जो भी अटैचमेंट कर रहे हैं वे जिला शिक्षा अधिकारी के निर्देशानुसार पर किया जा रहा है । मतलब साफ है कि इस खेला में शिक्षा विभाग के अधिकारि भी शामिल हैं। जबकि जिला शिक्षा कार्यालय में सहायक संचालक का कहना है कि अटैचमेंट वा शिक्षकों के एक जगह से दूसरी जगह ट्रांसफर करने की ऐसी कोई आदेश ही प्रारूप शासन के नियमानुसार नहीं हो पाया है।

रिपोर्ट:रघु यादव मस्तुरी