आज़मगढ़— संयुक्त विकास आयुक्त पीएन वर्मा की अध्यक्षता में मण्डलीय विकास भवन के सभाकक्ष में आयोजित मनरेगा योजनान्तर्गत तकनीकी सहायकों के दो दिवसीय मण्डल स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के अन्तिम दिन वृहस्पतिवार को जनपद बलिया एवं मऊ के 123 तकनीकी सहायकों को प्रशिक्षित किया गया। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए संयुक्त विकास आयुक्त श्री वर्मा ने कहा कि वर्तमान में मनरेगा के कार्यों को पारदर्शी एवं उद्देश्यपूर्ण बनाने की दिशा में नई तकनीक का प्रयोग किया जा रहा है, इसलिए बदलती तकनीक के दृष्टिगत तकनीकी सहायकों की दक्षता बढ़ाने हेतु उन्हें प्रशिक्षित किया जाना अत्यन्त आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम अत्यन्त महत्वपूर्ण है, इसे सभी तकनीकी सहायक पूरी गंभीरता से लें तथा जो भी शंकायें हैं, विशेषज्ञों के समक्ष उसे रखें और उसका निराकरण करायें ताकि आगे चलकर किसी भी विषम परिस्थिति से बचा जा सके। श्री वर्मा ने यह भी कहा कि मनरेगा जैसे देश व्यापी कार्यक्रम में सभी तकनीकी सहायक एवं सम्बन्धित अधिकारीगण गुणवत्तापूर्ण कार्यों को प्रतिस्पर्धा के रूप में कार्य करते हुए अपनी बेस्ट परफार्मेन्स दें, जिससे इस योजना में मण्डल एवं प्रदेश की रैंकिंग में उल्लेखनीय सुधार हो सके। उन्होंने गांवों के विकास में तकनीकी सहायकों की भूमिका के सम्बन्ध में कहा कि इनके द्वारा जो भी विजन प्रस्तुत किया जाता है वह किसी व्यक्ति विशेष को लाभ अथवा हानि पहुंचाने के लिए नहीं बल्कि स्थानीय आवश्यकता एवं उसकी उपयोगिता के दृष्टिगत निष्पक्ष रूप से प्रस्तुत किया जाता है। उन्होंने उपस्थित तकनीकी सहायकों का आह्वान किया कि गांव की कार्ययोजना की बैठक में अनिवार्य रूप से उपस्थित होकर अपना विजन प्रस्तुत करें तथा उसे कार्ययोजना में शामिल करायें, तदुपरान्त साइट विज़िट कर आवश्यक कार्यवाही करते हुए स्टीमेट तैयार कर अग्रसारित करें।

प्रशिक्षण कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए प्राविधिक प्रशिक्षक आरपी चैधरी ने कहा कि मनरेगा योजना को और आगे बढ़ाकर मण्डल एवं प्रदेश को उच्च स्थान दिलाने के लिए सभी को प्रतिबद्ध होने की जरूरत है| चैधरी ने उपस्थित तकनीकी सहायकों से कहा कि मनरेगा के प्रतिवर्ष के मास्टर सर्कुलर का अध्ययन अवश्य करें, इससे कार्यों के सुचारु रूप से सम्पादन में काफी सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि पहले मनरेगा में कुछ गिने चुने कार्य थे परन्तु अब 261 कार्य इसमें सम्मिलित हैं, इसके बावजूद अभी भी अधिकांश गांवों में 25-30 कार्य ही इस योजना के अन्तर्गत कराये जा रहे हैं। उन्होंने तकनीकी सहायकों से कहा कि स्थानीय आवश्यकताओं और उसकी उपयोगिता को ध्यान में रखते हुए अपने वर्क बैंक को बढ़ायें। इससे पूर्व लखनऊ से आये स्टेट क्वालिटी मानीटर सत्य नारायण ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मनरेगा के तहत कराये जाने वाले कार्यों को गुणवत्तायुक्त बनाये जाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने तालाब खुदाई, सड़क निर्माण, खडं़जा लगाने, नाला सफाई आदि सहित अनेकों कार्याें की गुणवत्ता की चर्चा के दौरान कहा कि सभी कार्य इस प्रकार से होने चाहिए कि वह लम्बी अवधि तक उपयोगी बने रहें।

प्रशिक्षण कार्यक्रम को जिला विकास अधिकारी मऊ विजय शंकर राय, टीएसी आरके सिंह, सहायक लेखाधिकारी अनिल राय आदि ने भी सम्बोधित किया। कार्यक्रम का संचालन सहायक खण्ड विकास अधिकारी रमेश शुक्ला ने किया। इस अवसर पर बलिया के सभी 17 ब्लाकों के 79 तकनीकी सहायक एवं मऊ के सभी 9 ब्लाकों के 44 तकनीकी सहायक उपस्थित थे।

रिपोर्ट शैलेन्द्र शर्मा