कायमगंज /फर्रुखाबाद :संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा पिछले कई महीनों से दिल्ली बॉर्डर पर अपनी मांगों के समर्थन में धरना प्रदर्शन किया जा रहा है ।आज मोर्चा ने भारत बंद का आवाहन किया था ।उनके इस आह्वान का कायमगंज क्षेत्र में कोई असर दिखाई नहीं दिया ।रोज की भांति यहां स्कूल कॉलेज खुले रहे ।बाजारों में दुकानें खुली थी ।ग्राहक भी आ जा रहे थे ।बैंक ,सरकारी ,गैर सरकारी कार्यालयों में भी अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित होकर अपना काम करते दिखाई दे रहे थे।

सामान्य दिनों की तरह ही सड़कों पर भीड़भाड़ के साथ वाहन दौड़ते नजर आ रहे थे। पूरे क्षेत्र में भारत बंद का कोई असर कहीं  दिखाई नहीं पड़ रहा था। ऐसा महसूस हो रहा था कि मानो यहां के लोगों को भारत बंद के आवाहन की या तो जानकारी ही नहीं हो या फिर बे बंदी के विरोध में या पूरी तरह उदासीन रहे।


इस अवसर पर भारतीय कृषक एसोसिएशन ने भारत बंद के समर्थन में सड़कों पर उतर कर पैदल मार्च किया। साथ ही तहसील परिसर में आकर नारेबाजी के साथ धरना प्रदर्शन करते हुए । एक ज्ञापन राष्ट्रपति के नाम संबोधित उप जिलाधिकारी को सौंपा।इस संगठन के अलावा दूसरा कोई किसान अथवा अन्य संगठन विरोध करने के लिए कहीं दूर दूर तक भी नजर नहीं आया।

भारतीय कृषक एसोसिएशन ने कड़ा विरोध जताते हुए 4 सूत्री ज्ञापन में कृषि उपज व्यापार और वाणिज्य संवर्धन एवं सरलीकरण संवर्धन विधेयक 2020 एवं किसान सशक्तिकरण एवं संरक्षण अध्यादेश 2020 का हवाला देते हुए ।लोकसभा से पारित तीनों कृर्षि कानूनों को किसान विरोधी बताते हुए। इन्हें  तत्काल वापस लेने के साथ ही किसान आयोग का गठन कर ,आयोग में किसी भी राजनैतिक व्यक्ति को शामिल न करने की मांग की गई है।

इसके साथ ही संगठन ने अलग-अलग दो प्रतियों में ज्ञापन सौंपकर क्षेत्रीय समस्याएं उठाते हुए जिनमें प्रमुख रूप से खाद्य पदार्थों में बड़े पैमाने पर हो रही मिलावट खोरी,  नकली दवाइयों की बिक्री, झूलते विद्युत तारों, रोस्टर के अनुसार विद्युत सप्लाई ना होना, सरकारी अस्पताल में व्यवस्थाओं की कमी ,लचर कानून व्यवस्था आदि समस्याएं गिनाते हुए। समय रहते जनहित में अपेक्षित सुधार करने की भी मांग की है।

यहां पहुंचे किसान नेताओं ने तहसील परिसर में ही बैठक आयोजित कर पारित कृर्षि कानूनों को देश के किसानों के लिए बर्बादी का प्रयोग बताया और कहा कि सरकार को भारत जैसे कृषि प्रधान देश में किसानों की अनदेखी करके मनमाने ढंग से काले कानून किसानों पर थोपना उचित नहीं है । किसान नेताओं ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि सरकार ने किसानों के हितों से टकराव करने का रास्ता नहीं छोड़ा तो देश का 70 सैकड़ा आबादी का हिस्सा किसान सत्ता धारियों को सबक सिखा  कर, उन्हें किसान पीड़ा का एहसास अवश्य करा देगा।

इस अवसर पर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील कुमार दुबे ,प्रदेश सचिव राजाराम शर्मा ,वरिष्ठ किसान नेता रागिव हुसैन खान ,रामवीर जाटव, धर्मेंद्र कश्यप ,प्रताप सिंह गंगवार, विजय सिंह ,मुन्नालाल आदि ने धरना प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए अन्य पदाधिकारियों तथा संगठन सदस्यों के साथ ज्ञापन सौंपा।

रिपोर्ट :जयपाल सिंह यादव, दानिश खान