महंगाई :: दिन प्रतिदिन चीजों के बढ़ते हुए दाम से आम जनमानस वैसे भी परेशान है। सरकारों की ओर से महंगाई को रोकथाम के लिए बहुत सारे दावा किए जाते हैं परंतु जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती है इसी बीच खबर आई है कि 14 साल बाद माचिस की कीमत बढ़ कर दोगुना होने जा रही है।
14 साल से चली आ रही माचिस की कीमत एक डिब्बे का एक रुपया था। परंतु अब यह बढ़कर ₹2 होने जा रहा है माचिस बनाने वाली कंपनियों के प्रतिनिधियों ने यह फैसला लिया है. इससे पहले 2007 में माचिस के रेट में बदलाव हुआ था।

ऑल इंडिया चेंबर ऑफ माचिस ने एक बैठक कर इसका फैसला लिया है. इंडस्ट्री के लोगों ने कहा है कि कच्चे माल की बढ़ती हुई दाम को देखकर हमें माचिस की कीमत बढ़ानी चाहिए. इस पर विचार करते हुए ऑल इंडिया चेंबर ऑफ माचिस ने माचिस की कीमत को बढ़ाने का फैसला लिया है. मैन्युफैक्चरर्स का कहना है कि एक माचिस को बनाने में 14 अलग-अलग तरीकों के रॉ मैटेरियल लगते हैं. इसके अलावा ह्यूमन वर्क भी लगता है।

2007 में बड़ा था दाम

गौरतलब है कि 2007 में इसी तरह से माचिस की कीमतों में बढ़ोतरी की गई थी उस समय माचिस की कीमत 50 पैसे थी उसे बढ़ाकर ₹1 कर दिया गया था ठीक उसी तरह अब माचिस की कीमत ₹1 से बढ़ाकर ₹2 किया जाना है।

रॉ मटेरियल के दामों में हुई बढ़ोतरी

माचिस के दाम बढ़ने का कारण रो मटेरियल के दामों में होने वाली वृद्धि है. जैसे रेड फास्फोरस का रेट ₹425 से बढ़कर ₹810 हो गया है, वैक्स यानी मोम की कीमत ₹58 से बढ़कर ₹80 हो गए हैं, आउटर बॉक्स बोर्ड की कीमत ₹36 से बढ़कर ₹55 हो गए हैं, इन बॉक्स बोर्ड की कीमत ₹32 से बढ़कर ₹58 हो गए हैं, इसके अलावा पेपर, स्प्लिंट, पोटैशियम क्लोरेट, सल्फर जैसे पदार्थों की कीमत भी अक्टूबर के दूसरे सप्ताह से बढ़ने वाली है. इन सब रो मटेरियल के बढ़ते दामों को देखकर माचिस के दाम में बढ़ोतरी की गई है।