कायमगंज (फर्रुखाबाद ):- कस्बा से सटे गांव घसिया चिलौली निवासी विनोद सैनी की बेटी गुंजन नगर के अतुल पैथोलॉजी पर काम करती है। गुंजन वैसे तो रोज अपने घर शाम 6:00 बजे तक पहुंच जाती थी। किंतु गत शाम युवती घर नहीं पहुंची। घरवालों ने सोचा कि बुखार होने के कारण शायद वह दवा लेने चली गई होगी। जब काफी देर तक गुंजन घर नहीं पहुंची। तो चिंतित घर वालों ने संभावित स्थानों पर खोजबीन की ।

इसी बीच इसी गांव के निवासी अभय पाठक पुत्र नंदकिशोर ने फोन पर युवती के घरवालों को बताया की टेडी काेन से अताईपुर जाने वाले रोड पर उसकी बाइक को किसी ने टक्कर मार दी है, और में यही पड़ा हूं । गुंजन मेरे साथ थी उसका पता नहीं है। इतनी सूचना देकर अभय ने एंबुलेंस 108 को सूचित किया। मौके पर पहुंचे एंबुलेंस चालक ने अभय से बात की ,बताया कि उसकी बाइक में किसी ने पीछे से टक्कर मार दी।

इसके बाद वह गिर गया और उसे होश नहीं रहा। कुछ लोग इकट्ठा हो गए थे । उनके अनुसार टावर वैन निकली थी। उसके चालक ने इस बाग से दो तीन युवकों को भागते हुए देखा था । एंबुलेंस चालक कुछ ग्रामीणों को साथ ले घटनास्थल से लगभग 25 मीटर की दूरी पर ट्यूबवेल के कुएं के पास पहुंचा ।कुएँ से कुछ आहट मिलते ही झांक कर देखा । तो एक युवती कुएं में पड़ी थी । चालक ने घटना की सूचना पुलिस को दी।

सूचना पाते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने सीढ़ी तथा रस्सी के सहारे नीचे उतर कर युवती को बाहर निकाला । दोनों को एंबुलेंस की सहायता से नगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। जहां भर्ती होने के बाद गुंजन को डॉ राम मनोहर लोहिया अस्पताल फर्रुखाबाद रेफर कर दिया गया । जबकि अभय पाठक का उपचार यही जारी है। कुछ होश आने पर अभय ने बताया कि वे दोनों गांव मीरपुर से ब्लड सैंपल लेने बाइक द्वारा जा रहे थे।

मुख्य रोड से जैसे ही मुड़े वैसे ही कुछ दूरी पर उसकी बाइक को पीछे से टक्कर मार दी। इसके बाद उसे होश नहीं रहा, जबकि गुंजन यहां से रेफर होने तक कुछ भी बताने की स्थिति में नहीं थी। प्रकरण के पीछे की कहानी क्या है ।यह बात तो गुंजन के होश में आने पर ही ज्ञात हो सकती है।

रिपोर्ट जयपाल सिंह यादव दानिश खान