औरैया : उत्तर प्रदेेश के जल शक्ति मंत्री महेन्द्र सिंह ने शुक्रवार को औरैया और आसपास के जिले के बाढ़ प्रभावित गांवों का हवाई सर्वेक्षण करने के बाद कहा कि बाढ़ की इस आपदा से हम सभी मिलकर निपटेंगे और राहत कार्य युद्ध स्तर पर चलाया जायेगा।

सिंह आज जिले की अजीतमल व औरैया तहसील के बाढ़ प्रभावित 13 गांवों का हवाई सर्वेक्षण करने बाद पाता स्थित गेल के सभागार में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक कर बाढ़ प्रभावित गांवों के लोगों के बचाव व राहत सहायता के लिए बनायी गयी रणनीति पर चर्चा की।

जल शक्ति मंत्री ने उसके बाद संवाददताओं से कहा कि मुख्यमंत्री योगी के निर्देश पर उन्होंने बाढ़ प्रभावित गांवों का हवाई सर्वेक्षण किया है ताकि बाढ़ प्रभावित लोगाें को संकट के इस समय में अन्य किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन अपने स्तर से बचाव व राहत कार्यो में जुटा है सरकार पूरा सहयोग कर रही है और हम समाज व सभी वर्गो व पत्रकार साथियों के सहयोग से संकट के समय इस आपदा से निपटेंगें।

उन्होंने बताया कि राजस्थान के कोटा बैराज से चंबल नदी में पानी छोड़े जाने के कारण औरैया में यमुना का जल स्तर खतरे के निशान से पांच मीटर ऊपर पहुंच गया है। जिससे औरैया तहसील के पांच व अजीतमल तहसील के नौ गांव प्रभावित हुए है जहां के लोगों के बचाव व राहत का कार्य युद्ध स्तर पर चलाया जा रहा है।

सिंह ने कहा कि यह अच्छी बात है कि कोई जन व पशु हानि नहीं हुई है। बताया कि एसडीआरएफ की टीम दो स्टीमर समेत आ चुकी है, 68 स्थानीय स्टीमर बचाव व राहत कार्य में लगे है व लखनऊ से पीएसी भी पहुंचने वाली है। जो कि बाढ़ प्रभवित लोगों को सेवा देने का काम करेगी।

उन्होंने बताया कि बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत सहायता उपलब्ध कराये जाने के साथ पशुओं के लिए भी दवाओं के साथ चारे की भी व्यवस्था की जायेगी। इस मौके पर कृषि राज्यमंत्री लाखन सिंह राजपूत, जिलाधिकारी सुनील वर्मा, पुलिस अधीक्षक अपर्णा गौतम, एडीएम रेखा एस चौहान सहित स्वास्थ्य विभाग सहित कई अधिकारी मौजूद थे।



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