जस्टिस रमन होंगे 48वें सीजेआई, नियुक्ति पर राष्ट्रपति की लगी मोहर

नई दिल्ली- उच्चतम न्यायालय के दूसरे सबसे वरिष्ठ न्यायाधीश एन वी रमन देश के 48वें मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) होंगे। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने न्यायमूर्ति रमन के नाम पर अपनी मोहर लगा दी है।

विधि एवम् न्याय मंत्रालय के न्याय विभाग ने मंगलवार को बताया कि राष्ट्रपति कोविंद ने संविधान के अनुच्छेद 124 के उपबंध-दो में प्रदत्त शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए न्यायमूर्ति रमन को नया सीजेआई नियुक्त किया है, जिनका कार्यकाल मौजूदा सीजेआई न्यायमूर्ति शरद अरविंद बोबडे की सेवानिवृत्ति के बाद से प्रभावी होगा। न्यायमूर्ति बोबडे 23 अप्रैल को सेवानिवृत्त होंगे।

न्याय विभाग ने बताया कि इस नियुक्ति से संबंधित वारंट और अधिसूचना न्यायमूर्ति रमन को सौंप दी गई है।

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वह देश के 48वें सीजेआई होंगे। उनका शपथ ग्रहण 24 अप्रैल को होगा। न्यायमूर्ति बोबडे ने स्थापित परम्परा के तहत वरिष्ठतम न्यायाधीश के तौर पर न्यायमूर्ति रमन के नाम की सिफारिश की थी।

न्यायमूर्ति रमन ने विज्ञान एवं कानून में स्नातक करने के बाद 10 फरवरी 1983 से वकालत पेशे की शुरुआत की। अपने वकालत पेशे के दौरान उन्होंने न केवल आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय बल्कि केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (कैट) तथा उच्चतम न्यायालय में भी प्रैक्टिस की।

सत्ताइस जून 2000 को आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय का स्थायी न्यायाधीश नियुक्त होने के बाद वह 13 मार्च से 20 मई 2013 तक उसी उच्च न्यायालय के कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किये गये। बाद में उन्हें पदोन्नति देकर दो सितम्बर 2013 को दिल्ली उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया। सत्रह फरवरी 2014 को वह शीर्ष अदालत में पदोन्नत किये गये।

न्यायमूर्ति रमन 26 अगस्त 2022 में सेवानिवृत्त होने वाले हैं। शीर्ष अदालत में सीजेआई समेत न्यायाधीशों की अनुमोद‌ित संख्या 34 है। वर्तमान में उच्चतम न्यायालय में 29 न्यायाधीश हैं।

इन्पुट – यूनीवार्ता