Delhi के मुख्यमंत्री Arvind Kejriwal ने कहा कि राजधानी में पिछले पांच वर्षों में वायु प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए कई उपाय किए गए हैं और अब EV पॉलिसी के तहत 2024 तक यहां खरीदे जाने वाले नए वाहनों में से 25 प्रतिशत इलेक्ट्रिक व्हीकल्स होंगे।

केजरीवाल ने डेयरिंग सिटीज-2020 सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि दिल्ली में पिछले पांच वर्षों में वायु प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए कई उपाय किए गए हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार ने हाल ही में प्रभावशाली ईवी पॉलिसी अधिसूचित की है, जिसके तहत 2024 तक दिल्ली में खरीदे जाने वाले नए वाहनों में से 25 प्रतिशत इलेक्ट्रिक व्हीकल्स होंगे।

दिल्ली सरकार बायो डीकंपोजर तकनीक को बढ़ावा दे रही है, जिससे घोल का मिश्रण पराली पर छिड़कने से वह खाद में बदला जाता है। उम्मीद है कि इस तकनीक के अपनाने से पराली जलाने की समस्या से निजात मिल सकेगी। इसके अलावा सफलता पूर्वक सम-विषम (Odd-Even) योजना लागू की, जिससे वायु प्रदूषण में 15 प्रतिशत की गिरावट आयी । दिल्ली देश का एकमात्र राज्य है, जहां सभी थर्मल पावर प्लांट बंद कर दिए गए हैं। इसके अलावा, अधिक प्रदूषण फैलाने वाले ईंधनों पर प्रतिबंध लगा दिया है।

उन्होंने कहा कि ‘डेयरिंग सिटीज 2020 सम्मेलन’ में बोलने के लिए आमंत्रित करना एक सम्मान की बात है। आप सभी जानते हैं कि पूरा विश्व कोरोना वायरस की चपेट में है। कोरोना वायरस के कारण हमने देखा है कि कई जगहों लॉकडाउन किए गए। जब किसी भी जगह पर लॉकडाउन किया गया तो अचानक से हवा के स्तर में सुधार हुआ है। जिसने हमें यह अहसास कराया कि किस तरह मानव किस तरह पर्यावरण ढ़ाचे और जलवायु को बर्बाद करने के लिए जिम्मेदार है।

वायु प्रदूषण रोकने के लिए भी किये थे उपाय

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली जब वायु प्रदूषण के कारण प्रभावित थी तो इसको लेकर कुछ सालों में हमने कई सहासिक और रचनात्मक फैसले लिए। दिल्ली में हर बार की तरह 2015-16 की सर्दियों में प्रदूषण से हालात बेहद खराब हो गए। पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने जाने के कारण धुंआ आने से दिल्ली गैस चैंबर बन गई।

ऐसे में हमें कड़े फैसले लेना जरूरी थी। जब हमने ऑड ईवन स्कीम को लागू करने का फैसला लिया। विश्व के कुछ क्षेत्रों में इससे पहले योजना को लागू किया गया था लेकिन सफल नहीं हुईं। जब हम इसे लागू करने पर विचार कर रहे थे तब कई लोगों ने चेतावनी दी कि यह काफी खतरनाक कदम है जो कि राजनीतिक तौर पर आत्महत्या करने जैसा है। क्योंकि लोग ऐसे कठिन कदम को स्वीकार नहीं करेंगे। लेकिन हमने इसे आक्रामक अभियान के तरीके से लागू किया।

उद्योगों में इस्तेमाल हो रही है PNG

उन्होंने कहा कि दिल्ली में प्रदूषण फैलाने वाले दो थर्मल पावर प्लांट थे। सरकार ने दोनों थर्मल पावर प्लांट बंद कर दिए हैं। इसके अलावा सरकार ने उद्योग में सबसे अधिक प्रदूषण फैलाने वाले ईंधनों पर प्रतिबंध लगा दिया है। हमने उद्योगों के साथ नजदीकी से काम कर सब्सिडी स्कीम के जरिए स्वच्छ ईंधन पीएनजी पर बदलना सुनिश्चित किया। जिन्होंने नहीं लागू की उनके ऊपर जुर्माना लगाया।

अब तक दिल्ली में लगभग सभी उद्योग पीएनजी पर शिफ्ट हो चुके हैं।दिल्ली सरकार बडे स्तर पर पौधा रोपण अभियान चला रही है। 2019-20 में 36 लाख से अधिक पौधे लगाए गए। हम हर साल 30 लाख से अधिक पौधे लगा रहे हैं। लोगों से लेकर बच्चे भी इसमें भाग ले रहे हैं।

उन्होंने कहा कि वाहन बड़े स्तर पर प्रदूषण का कारण हैं। इसके चलते सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा दिया जा रहा है। दिल्ली मेट्रो के नेटवर्क में पिछले चार सालों में 80 फीसदी का विस्तार किया गया है। मार्च 2015 में 193 किलोमीटर और जून 2019 में 344 किलोमीटर विस्तार किया गया है।

उन्होंने कहा कि सार्वनिक परिवहन प्रणाली और नॉन मोटराइज्ड व्हीकल पॉलिसी को बड़े स्तर पर लागू करने की योजना है। इलेक्ट्रिक वाहन नीति के तहत नई बसों में से कम से 50 फीसदी इलेक्ट्रिक बसें हों।

डेयरिंग सिटीज 2020 में था सम्बोधन

केजरीवाल को ‘डेयरिंग सिटीज 2020’ सम्मेलन में दुनिया भर के पांच शहरी नेताओं के बीच बोलने के लिए आमंत्रित किया गया था। इस सम्मेलन की मेजबानी जर्मन सरकार के सहयोग से आईसीएलईएआई और जर्मनी के बॉन शहर द्वारा की गई। ‘डेयरिंग सिटीज’ वायु प्रदूषण पर शहरी नेताओं का एक वैश्विक मंच है।

केजरीवाल ने वायु प्रदूषण से निपटने के लिए की गई बहुस्तरीय कार्रवाई पर चर्चा करने के लिए बोगोटा (कोलंबिया), साओ पाओलो (ब्राजील), लॉस एंगल्स (यूएसए) और एंटेब्बे (युगांडा) के शहरी नेताओं और निर्णयकर्ताओं के साथ आमंत्रित किया गया था। उन्होंने 10 हजार से अधिक महापौरों और नगर पार्षदों, शहरी विचारक नेताओं, राष्ट्रीय सरकार के प्रतिनिधियों, शोधकर्ताओं, व्यापार जगत के नेताओं और दुनिया भर के सभी समुदायिक आयोजकों को संबोधित किया।

वार्ता