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गुंजाइश – क्राइम थ्रिलर , एक नयापन लिए हुए अपराध कथा
अपराध कथा और सायको किलर पर कई कहानियाँ लिखी गईं, मगर इन सबके बीच छत्तीसगढ़ के लेखक शिज्जु शकूर का उपन्यास गुंजाइश एक नयापन लिये हुए है। इंक पब्लिकेशन, प्रयागराज से प्रकाशित हुई गुंजाइश एक क्राइम थ्रिलर है। गुंजाइश की नायिका एक ब्लैकमेलर के चंगुल में फंस जाती है। ब्लैकमेलर उसकी भावनाओं के साथ खेलता
 

अपराध कथा और सायको किलर पर कई कहानियाँ लिखी गईं, मगर इन सबके बीच छत्तीसगढ़ के लेखक शिज्जु शकूर का उपन्यास गुंजाइश एक नयापन लिये हुए है। इंक पब्लिकेशन, प्रयागराज से प्रकाशित हुई गुंजाइश एक क्राइम थ्रिलर है। गुंजाइश की नायिका एक ब्लैकमेलर के चंगुल में फंस जाती है। ब्लैकमेलर उसकी भावनाओं के साथ खेलता है और उसके हाथों खून करवाना चाहता है, मगर नायिका खून नहीं करनी करती, फिर भी वह ब्लैकमेलर के बिछाए जाल में फँसती जाती है। सुनने में यह भले ही आम कहानी लगती है, मगर इसमें कई एंगल हैं, उपन्यास पढ़ते हुए पाठक जिनसे रू-ब-रू होंगे। क्राइम थ्रिलर श्रेणी में लिखा गया उपन्यास गुंजाइश, निश्चित ही पाठकों को रोमांचित करेगा। सुनने में सामान्य सी लगने वाली कहानी दिलचस्प हो सकती हैं।

इस कहानी में एलजीबीटीक्यू का भी एक एंगल है, जिसे बिल्कुल अलग तरीके से पेश किया गया है। गुंजाइश, लेखक शिज्जु शकूर का पहला उपन्यास है, मूलतः वे ग़ज़लगो हैं और उनका एक ग़ज़ल संग्रह प्रयागराज से पहले प्रकाशित हो चुका है, जिसे अच्छा प्रतिसाद मिला। हाल ही में प्रयागराज से ही उनका दूसरा गज़ल संग्रह ‘उम्र भर का जागना’ प्रकाशित हुआ है, यह कुल मिलाकर उनकी तीसरी प्रिंट किताब है। यह अपने आप में पूरी कहानी है, मगर लेखक का कहना है कि इसमें उन्होंने इसके सीक्वल के लिये भी गुंजाइश छोड़ी है। इंक पब्लिकेशन के निदेशक दिनेश कुशवाहा बताते हैं कि उन्होंने अपनी एक विशेष स्कीम के तहत 30 उपन्यासकारों का चयन किया था, शिज्जु शकूर उन्हीं में से एक हैं। साथ ही उन्होंने बताया कि इस वर्ष इंक पब्लिकेशन की 30 पद्य रचनाओं की किताब निःशुल्क प्रकाशित करने की योजना है।

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