नयी दिल्ली: दिल्ली की पटियाला हाउस अदालत ने पाकिस्तानी नागरिक एवं लश्कर ए तैयबा के आतंकवादी बहादुर अली उर्फ सैफुल्ला मंसूर को 10 साल की कैद के साथ जुर्माना भरने का आदेश दिया है।

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने बुधवार को यह जानकारी दी। एनआईए ने बताया कि अदालत ने बहादुर को भारतीय दंड संहिता की धारा 120 बी, 121 ए, 489 सी तथा गैर कानूनी गतिविधि (रोकथाम) कानून के 17, 18, 20 तथा 38 के तहत दोषी करार दिया।

इसके अलावा अदालत ने अली को आर्म्स एक्ट की धारा 7,10, तथा 25, एक्सप्लोसिव एक्ट की धारा 9बी, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धारा चार, फॉनेर्स एक्ट की धारा 14 और भारतीय वायरलेस टेलीग्राफी अधिनियम 1933 की धारा 6 (1ए) के तहत दोषी करार दिया तथा 10 कैद और जुर्माना भरने का आदेश दिया।

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उल्लेखनीय है कि अली जम्मू-कश्मीर के निवासी तथा लश्कर से जुड़े अबु साद, अबु दर्द के साथ मिलकर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली सहित देश के विभिन्न हिस्सों में आतंकवादी हमले करने के लिए युवाओं को प्रशिक्षण देता था।

एनआईए ने बताया कि अली को 25 जुलाई 2016 में जम्मू-कश्मीर में कुपवाड़ा जिले के यहामा मुकाम गांव से गिरफ्तार किया गया था तथा उसके पास से एके-47 राइफल के साथ भारी मात्रा में हथियार बरामद किए गये थे।