पुलिस की डायरी में अभी भी जिंदा हैं दिवंगत सीओ देवेंद्र मिश्रा

by saurabh

कानपुर। चर्चित बिकरु हत्या काण्ड में शहीद सीओ देवेन्द्र मिश्रा आज भी जिन्दा है। यह सुनकर आप भी चौक गए होंगे कि जो व्यक्ति शहीद हो चुका हो , जिसके शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया हो वो आखिर जिन्दा कैसे हो सकता है ? डिप्टी एसपी देवेंद्र मिश्रा आज भी जिन्दा है यह बात हम नही कह रहे है बल्कि कानपुर पुलिस ने उन्हें मरने के बाद भी एक मुकदमे का विवेचक बना कर साबित कर दिया है ।

अब जरा गौर से एफआईआर की इस कॉपी को देखिए यह एफआईआर 4 अक्टूबर की घटना के मामले में दर्ज की गई है। इसी एफआईआर में दर्ज अभियोग की विवेचना के लिए विवेचक का नाम देवेंद्र मिश्रा और पद डिप्टी एसपी दर्ज है ।

दरअसल बिल्हौर थाना क्षेत्र में एक जमीनी विवाद बीती 4 अक्टूबर को हुआ था इस मामले में बिल्हौर पुलिस ने मुकदमा दर्ज करते हुए दिवंगत डिप्टी एसपी देवेन्द्र मिश्रा को जाँच सौप कर बिल्हौर पुलिस ने अपना काम कर राहत की सांस ली । लेकिन जब पीड़ित की एफआईआर मीडिया तक पहुची तो पुलिस महकमे के हाथ पाँव फूल गए ।

अब जरा गौर से एफआईआर की इस कॉपी को देखिए यह एफआईआर 4 अक्टूबर की घटना के मामले में दर्ज की गई है । इसी एफआईआर में दर्ज अभियोग की विवेचना के लिए विवेचक का नाम देवेंद्र मिश्रा और पद डिप्टी एसपी दर्ज है ।

दरसल बिल्हौर थाना क्षेत्र में एक जमीनी विवाद बीती 4 अक्टूबर को हुआ था। इस मामले में बिल्हौर पुलिस ने मुकदमा दर्ज करते हुए दिवंगत डिप्टी एसपी देवेन्द्र मिश्रा को जाँच सौप कर बिल्हौर पुलिस ने अपना काम कर राहत की सांस ली। लेकिन जब पीड़ित की एफआईआर मीडिया तक पहुची तो पुलिस महकमे के हाथ पाँव फूल गए। जिसके बाद एसपी ग्रामीण से इस बाबत हमने बात की तो उन्होंने इसे ऑनलाइन एफआईआर पोर्टल पर आज भी सीओ देवेंद्र मिश्रा का दर्ज होने के कारण त्रुटि होने का अमली जामा पहनाते हुए एफआईआर में आईओ का बदले जाने का नाम दिया।

ऐसे में बड़ा सवाल यह उठता है कि जिस घटना को लेकर सूबे की सरकार तक हिल गई थी। खुद मुख्यमंत्री को कानपुर पहुँचकर शहीद हुए पुलिस कर्मियों को श्रद्धांजलि देनी पड़ी थी। उस घटना को लेकर ऑनलाइन एफआईआर सिस्टम में आज तक सीओ देवेंद्र मिश्रा की जगह तैनात हुए नए सीओ का नाम अपडेट क्यो नही हुआ।

एक बार अगर यह मान लिया जाए कि नए सीओ का नाम अपडेट नही हुआ है तो ऑनलाइन एफआईआर दर्ज करने वाले सख्स ने इसकी जानकारी अपने उच्चाधिकारियों को अब तक क्यो नही दी।

अगर नए सीओ का नाम अपडेट न होने के कारण बिल्हौर पुलिस से यह चूक हुई है तो बिकरु हत्याकांड में शहीद सीओ देवेन्द मिश्रा की मौत को तीन महीने हो चुके है। ऐसे में इन तीन महीनों कर बीच दर्ज हुई उस हर एफआईआर पर दिवंगत सीओ देवेन्द्र मिश्रा हीआईओ होंगे जिनमे गजटेड ऑफिसर के नीचे के अधिकारी विवेचक नही हो सकते ?

  • कौस्तुभ शंकर मिश्रा

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