कानपुर: अधिवक्ता कल्याण संघर्ष समिति के प्रतिनिधि मंडल ने लखनऊ में कानून मंत्री ब्रजेश पाठक से मिलकर अधिवक्ता कल्याण निधि रु 10 लाख किए जाने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन दिया।


इस अवसर पर संयोजक पं रवीन्द्र शर्मा ने बताया कि चुनाव पूर्व वादा किया गया था कि हमारी सरकार बनने पर हम अधिवक्ता कल्याण निधि की राशि रु 500000 करेंगे । सरकार बने करीब 4 साल का समय व्यतीत हो रहा है अतः मुख्यमंत्री वादा निभाते हुए आगामी बजट सत्र में हमारी अधिवक्ता कल्याण निधि को बढ़ाएं और रुपए के अवमूल्यन और बढ़ी महंगाई को देखते हुए 25 वर्षों में प्राप्त होने वाली धनराशि रू125000 को बढ़ाकर रू 10 लाख करें। इसी के साथ वृद्ध अधिवक्ता पेंशन योजना और युवा अधिवक्ता प्रोत्साहन राशि योजना को भी लागू करें। और उक्त योजनाओं के सुचारू क्रियान्वयन हेतु आगामी बजट में निश्चित धनराशि का बजटीय प्रावधान करें।

ईपीएफ की न्यूनतम पेंशन बढ़ाने का कोई प्रस्ताव नहीं

ज्ञापन लेने के बाद विधि मंत्री ने कहा कि हम कल्याण निधि बढ़ाए जाने हेतु हर संभव प्रयास करेंगे। आपका ज्ञापन मुख्यमंत्री को आवश्यक कार्रवाई हेतु प्रेषित किया जाएगा ।


प्रतिनिधिमंडल में अविनाश बाजपेई पूर्व अध्यक्ष लायर्स एसोसिएशन, अश्वनी आनंद, मो कादिर खा, सतीश त्रिपाठी, सर्वेश शुक्ला, संजीव कपूर, अंकुर गोयल , वेद उत्तम, अनिल मिश्रा, मोहित शुक्ला, शाहिद जमाल, के के यादव आदि रहे।