बांग्लादेश के कोमिल्ला जिले में कुछ लोगों ने हिंदू दुर्गा पूजा पंडालों को टारगेट करते हुए हमला कर दिया। तथा पंडालों में तोड़फोड़ की, वहां रह रहे हिंदू परिवारों पर भी हमला किए। अब तक मिली जानकारी के अनुसार हमले में 3 लोगों की मौत हो गई है।

पुलिस ने दुर्गा पूजा पंडालों, हिंदू मंदिरों, तथा हिंदुओं के घरों पर तोड़फोड़ के आरोप में 10 लोगों को गिरफ्तार किया है। नवरात्रि में चल रहे हिंदू उत्सव में इस प्रकार की घटना बेहद शर्मनाक है।

गौरतलब है कि 2011 के जनगणना के अनुसार बांग्लादेश की आबादी 14.9 करोड़ यह करीब है जिसमें 8.5% हिंदू है। जाहिर सी बात है कि बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यक हैं और आए दिन बांग्लादेश से खबर आती रहती है कि वहां हिंदुओं के मंदिरों पर तोड़फोड़ की गई हिंदुओं के परिवारों के साथ अत्याचार किया गया।

अब तक मिली जानकारी के अनुसार कुछ पंडालों में मां दुर्गा के प्रतिभाओं का नुकसान पहुंचाया गया है। बांग्लादेश के कई हिंदू संगठनों ने इसका विरोध किया है। विश्व हिंदू परिषद ने मामले की जांच की मांग की है।

बांग्लादेश के गृह मंत्री असदुज्जमान ने लोकल मीडिया से बातचीत में बताया कि सरकार इस घटना को गंभीरता से ले रही है। कोमिल्ला में हमला करने वालों को जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा. यह हमला हिंसा भड़काने की साजिश का हिस्सा हो सकता है.

बांग्लादेश हिंदू यूनिटी काउंसिल का ट्वीट

“कोमिल्ला में सभी हिंदुओं को सतर्क रहने का निर्देश दिया जा रहा है. एक साथ मंदिर में रहो. हम बांग्लादेश पुलिस से नानूआ डिगीर पार इलाके में मदद की अपील कर रहे हैं.”

“हम अपने मुसलमान भाइयों से अपील करते हैं कि वो अफवाहों पर भरोसा ना करें हम कुरान का सम्मान करते हैं दुर्गा पूजा के दौरान पंडाल में कुरान रखने की कोई जरूरत नहीं है यह दोनों समुदायों के बीच दंगा भड़काने की साजिश है कृपया हिंदुओं और पंडालों पर हमले ना करें”

आए दिन बांग्लादेश के इस प्रकार की घटना बांग्लादेश के सरकार पर सवालिया निशान खड़ा करती है वहां अल्पसंख्यकों के सुरक्षा के लिए कड़े कानून की आवश्यकता है।