सिरोही :- पत्रकार गणपत सिंह मंडोली के खिलाफ सिरोही नागररिषद सभापति महेंद्र मेवाड़ा ने झूठा मुकदमा दर्ज कराया। जिसके खिलाफ आज सिरोही जिला और पाली जिले के पत्रकारों ने मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन देकर सीबीआई जांच की मांग की
1- यह हैं कि सिरोही जिले में पत्रकार गणपत सिंह मांडोली पिछले करीब 10 सालों से पत्रकारिता कर रहे हैं। अपनी कलम की धार से गणपतसिंह मांडोली ने जनहित से जुड़े कई मुद्दों को अनेक अवसरों पर खबरों के माध्यम से शासन प्रशासन तक पहुंचाया हैं। जिनसे आमजन की पीड़ा सरकार तक पहुंची और उन्हें राहत भी मिली। जिसके कारण पत्रकार गणपतसिंह मांडोली की छवि जिले की आम जनता के दिलो दिमाग में विशेष स्थान बना चुकी हैं।
2- यह हैं कि पत्रकार गणपतसिंह मांडोली ने पुलिस महकमे के कई अधिकारियों की कमियों, भ्रष्टाचार और लापरवाही को उजागर कर पत्रकारिता के प्रति अपना धर्म निभाया है। जिससे इन अधिकारियों की हकीकत जनता के सामने आई है कि किस तरह से जनता की रक्षक पुलिस ही भ्रष्ट बनी हुई है। इस कारण सिरोही पुलिस के कप्तान और कई अधिकारी पत्रकार गणपतसिंह मांडोली से नाराज़ हैं और इसी नाराजगी के चलते पुलिस के कई अधिकारी गणपतसिंह मांडोली को झूठे मामलों में फंसा कर उनकी लेखनी को खामोश करना चाहते हैं।
3- यह हैं कि नगरपरिषद सभापति महेंद्र मेवाड़ा जो कि खुद एक शराब व्यवसायी हैं। जिनके सभापति बनने से पहले जिलेभर में खुद के नाम से कई शराब की दुकानें संचालित रही, लेकिन जब से सभापति बने हैं तब से अपने परिवार के अन्य सदस्यों या रिश्तेदारों के नाम से शराब की दुकानें आवंटित करवाकर शराब का व्यवसाय करता हैं। वर्तमान में भी सिरोही शहर के गोईली चौराहे पर इनके रिश्तेदार के नाम से शराब की दुकान आवंटित है। जिसका संचालन महेंद्र मेवाड़ा की देखरेख में ही चल रहा हैं। और जिस भवन में यह दुकान संचालित होती हैं। वो भवन महेंद्र मेवाड़ा के स्वामित्व का ही भवन हैं।
4- यह हैं कि दिनांक 11-03-2021 को सभापति महेंद्र मेवाड़ा के स्वामित्व की इसी भवन में संचालित शराब ठेके में कुछ लोगों को शराब पिलाई जा रही थी। जो सरासर नियमों के खिलाफ है, लेकिन आप श्रीमान को जानकर आश्चर्य भी होगा और दुख भी कि इन लोगों में सिरोही पुलिस की जिला विशेष शाखा का प्रभारी सीताराम डांगी भी खुद शराब की पार्टी कर रहा था। जिसका स्ट्रिंग ऑपरेशन पत्रकार गणपतसिंह मांडोली ने किया और अपनी जिम्मेदारी व धर्म निभाते हुए उस खबर को प्रकाशित भी किया। आप ही बताइए जब पुलिस ही इस तरह सरेआम दिन में शराब पार्टियां करेगी तो फिर इस समाज का रक्षक कौन होगा। यह खबर प्रकाशित होने के बाद एएसआई सीताराम डांगी को जिला विशेष शाखा के प्रभारी के पद से हटाकर पुलिस लाइन भी भेजना पड़ा था, लेकिन इसके बाद इस भवन का मालिक महेंद्र मेवाड़ा और पुलिस के अधिकारी पत्रकार गणपतसिंह से खुन्नस रखने लगे और उन्हें झूठे मुकदमें में फंसाने की योजना बनाने लगे।
5- यह हैं कि पत्रकार गणपत सिंह मांडोली की इस खबर से तिलमिलाए पुलिस के एक आलाधिकारी के इशारे पर सभापति महेंद्र मेवाड़ा ने पत्रकार गणपतसिंह मांडोली के विरुद्ध सिरोही कोतवाली थाने में दिनांक 17-03-2021 को एक झूठा मुकदमा दर्ज करवाया गया। जिसमें लिखा गया कि महेंद्र मेवाड़ा के नाम से जिलेभर में कोई शराब की दुकान नही हैं और पत्रकार गणपतसिंह मांडोली ने सभापति महेंद्र मेवाड़ा को उनकी शराब की दुकानों की खबरें नही चलाने की एवज में रुपयों की मांग की जा रही हैं। शराब की बोतलों की मांग की जा रही हैं।
6- यह हैं कि सभापति महेंद्र मेवाड़ा द्वारा सिरोही कोतवाली थाने में दर्ज करवाई इस रिपोर्ट में वो स्वयं मानते हैं कि उनके नाम से कोई शराब की दुकान ही नही हैं तो फिर उनकी कौनसी शराब की दुकान की खबर नही छापने की एवज में रुपयों की मांग की गई? जब उनकी शराब की दुकान ही नहीं है तो फिर उनकी कौनसी दुकान से शराब की बोतलें पत्रकार गणपतसिंह मांडोली को मुफ्त दी गई? इतना स्पष्ट होने के बावजूद पुलिस ने पत्रकार के विरुद्ध झूठा मामला क्यों दर्ज किया गया? इससे यह स्पष्ट होता हैं कि पूरे मामले का मुख्य उद्देश्य एक दंबग पत्रकार को सिर्फ और सिर्फ परेशान करने का ही हैं।
अतः सिरोही जिले के सभी पत्रकारों का आपसे निवेदन हैं कि जिले में संचालित अवैध कामों और अधिकारियों की नाकामियों को उजागर करने वाले पत्रकार गणपतसिंह मांडोली पर हुए इस झूठे मुकदमे को वापस लिया जाए। साथ ही झूठे और मिथ्या आरोप लगाकर लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ के प्रहरी को परेशान करने वाले सभापति महेंद्र मेवाड़ा को बर्खास्त कर जिले की आम जनता को न्याय दिलाने का आदेश फरमावे। साथ ही सिरोही कोतवाली में दर्ज इस प्रकरण की जांच सिरोही जिले की पुलिस से हटाकर सीआईडी- सीबी को प्रदान की जाए ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।

रिपोर्ट ललित दवे