नई दिल्ली : वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण के मामलों में गिरावट जारी है। वैश्विक महामारी से लोग काफी भयभीत हैं। संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए देश के सभी प्रदेशों में लॉकडाउन या कर्फ्यू लगाया गया था। जिससे काफी हद तक संक्रमण पर काबू पाया गया। संक्रमण के मामलों में तो गिरावट आई लेकिन चिंता का विषय बन गया संक्रमित मरीजों की मौत का आंकड़ा। आपको बता दें कि कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत का आंकड़ा अब भी 2000 के पार है। आपको बता दें कि गुरुवार को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री द्वारा संक्रमण से संबंधित जानकारी को साझा किया गया।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा दिए गए । आंकड़ों में मृतकों की संख्या 6418 बताई गई। जिसने लोगों की चिंता को बढ़ा दिया। हालांकि मंत्रालय ने बताया है कि बीते 24 घंटे में 2187 लोगों की मौत हुई है। सबसे चिंता का विषय है तो यह है कि बिहार राज्य द्वारा मौतों की संख्या अपडेट करने के बाद यह संख्या 6,000 के पार चला गया।

स्वास्थ्य मंत्री द्वारा जो आंकड़े जारी किए गए हैं उनमें बताया गया है कि बीते दिन बुधवार को देश में महामारी से संक्रमित 2,187 लोगों की मौत हुई लेकिन कल के डेटा में 6,138 मौतें रिकॉर्ड की गईं। मृत्यु दर में इजाफा इसलिए हुआ क्योंकि बिहार में पिछले दिनों हुईं 3,951 मौतों को अपडेट किया गया है। राज्य के स्वास्थ्य विभाग द्वारा किए गए संशोधन के बाद बिहार में इस महामारी से मरने वालों की कुल संख्या बढकर 9,429 हो गई, जो मंगलवार को 5458 थी। स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार कोरोना वायरस संक्रमण से बुधवार तक मरने वालों की 5478 की संख्या के अलावा सत्यापन के बाद अतिरिक्त 3,951 अन्य लोगों की मौत के आंकडे जोडे गए हैं कि ये अतिरिक्त मौतें कब हुईं।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी के आंकड़ों में यह है जाहिर नहीं किया गया है कि यह है अतिरिक्त मौत है कब हुई लेकिन राज्य के सभी 38 जिलों का एक ब्रेकअप उल्लेखित किया गया है। ताजा आंकड़ों के अनुसार कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी लहर में जान गंवाने वाले लोगों की संख्या 8,000 के करीब है और अप्रैल से मरने वालों की संख्या में लगभग छह गुना वृद्धि हुई है।

आपको बता दें कि संक्रमण से बिहार की राजधानी पटना में कुल 2303 मौतें हुईं हैं। जबकि मुजफ्फरपुर जिला 609 मौतों के साथ दूसरे नंबर पर है। सत्यापन के बाद पटना में सबसे अधिक 1070 अतिरिक्त मौतें जोड़ी गई हैं। इसके बाद बेगूसराय में 316, मुजफ्फरपुर में 314 और वही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पैतृक नालंदा में 222 अतिरिक्त मौतें जोड़ी गई हैं।

वही सबसे हैरान कर देने वाली कहें या दिलचस्प बात बोलें तो यह है कि स्वास्थ्य विभाग ने संक्रमण की चपेट में आने के बाद स्वास्थ्य होने बालों की संख्या मंगलवार को 701234 बतायी थी। जिसे बुधवार को संशोधित करके 698397 कर दिया गया है। बिहार में कोरोना वायरस के मरीजों के ठीक होने का प्रतिशत मंगलवार को जहां 98.70 प्रतिशत बताया गया था। उसे बुधवार को संशोधित करके 97.65 प्रतिशत कर दिया गया है।

वही स्वास्थ्य विभाग द्वारा उतार चढ़ाव कर आंकड़ों को पेश करने को लेकर विपक्ष को सरकार पर निशाना साधने का एक नया मौका मिल गया। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार बिहार में एक महीने से अधिक समय तक लॉकडाउन के बाद कोरोना संक्रमण के मामलों के कमी आयी है और बुधवार को केवल 20 मौतें और 589 नए मामले प्रकाश में आए हैं। बिहार में बुधवार को 18 से 44 वर्ष और 45 वर्ष से ऊपर सहित 121780 लोगों ने कोविड-19 रोधी टीका लिया और प्रदेश में अबतक 11472029 लोग टीका ले चुके हैं।