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NEET Counselling : सर्वोच्च न्यायालय ने दी अनुमति, सामान्य वर्ग को भी मिलेगा आरक्षण का लाभ

केंद्र सरकार द्वारा जारी ईडब्लूएस कोटे पर कुछ संस्थाओं द्वारा जनहित याचिका दायर की गई थी, जिसमें सामान्य वर्ग के गरीब छात्रों को आरक्षण का लाभ मिलने का विरोध किया गया था। न्याययलय में याचिका पर टिप्पणी करते हुए कहा कि ऐसी स्थिति है, जहां राष्ट्रीय हित में, काउंसलिंग शुरू होनी है, जो रेजिडेंट डॉक्टरों के विरोध की एक प्रमुख मांग भी थी।

 

नई दिल्ली। सर्वोच्च न्यायालय में न्यायमूर्ति डीवाई चन्द्रचूड़ और ए एस बोपन्ना की स्पेशल बेंच ने एक ऐतिहासिक टिप्पणी देते हुए आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग के छात्रों को आरक्षण के लाभ का हकदार बना दिया है। सर्वोच्च न्यायालय ने एक फैसले में अनुमति देते हुए वर्ष 2021—22 के शैक्षिण सत्र में 27 प्रतिशत ओबीसी के साथ 10 प्रतिशत आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग को आरक्षण का लाभ देते हुए काउंसलिंग करवाने और प्रवेश देने के लिए कहा है। 

गौरतलब है कि इससे पहले केंद्र सरकार द्वारा जारी ईडब्लूएस कोटे पर कुछ संस्थाओं द्वारा जनहित याचिका दायर की गई थी, जिसमें सामान्य वर्ग के गरीब छात्रों को आरक्षण का लाभ मिलने का विरोध किया गया था। न्याययलय में याचिका पर टिप्पणी करते हुए कहा कि ऐसी स्थिति है, जहां राष्ट्रीय हित में, काउंसलिंग शुरू होनी है, जो रेजिडेंट डॉक्टरों के विरोध की एक प्रमुख मांग भी थी।

न्यायालय में केंद्र सरकार की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट से कहा कि फिलहाल सरकार द्वारा तय किये गये मापदंडों के अनुसार ईडब्ल्यूएस कोटा के लिए पात्र सभी उम्मीदवारों को पंजीकरण के लिए अपने प्रमाण पत्र मिल गए हैं। उन्होंने कहा कि ईडब्ल्यूएस कोटा को समायोजित करने के लिए सभी सरकारी कॉलेजों में सीटों में वृद्धि की गई है।

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