काठमांडू: भारत के पड़ोसी राष्ट्र नेपाल में राजनीतिक अस्थिरता को लेकर जनता समाज पार्टी बांके नेपाल ने संविधान सभा को भंग करने और विभिन्न संवैधानिक पदों पर नियुक्ति के विरोध में त्रिभुवन चौक पर राष्ट्रपति भंडारी और प्रधानमंत्री ओली का पुतला जलाया है।


PM केपी शर्मा ओली की सिफारिश पर राष्ट्रपति बिद्यादेवी भंडारी ने 20 दिसंबर को प्रतिनिधि सभा को भंग कर दिया था और 3 और 4 अप्रैल को मध्यावधि चुनाव की घोषणा की थी।

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सड़क आंदोलन के बीच जनता समाज पार्टी के नेताओं ने कहा कि राष्ट्रपति भंडारी और प्रधान मंत्री ओली ने संविधान के विपरीत लोकतांत्रिक मूल्यों का उल्लंघन करते हुए संविधान सभा को भंग कर दिया है।

मोहम्मद इश्तियाक ने बताया गणतंत्र पर हमला

पूर्व कैबिनट मंत्री मोहम्मद इश्तियाक राई का तर्क है कि प्रधानमंत्री ओली द्वारा लंबे संघर्ष और बलिदान के माध्यम से लोगों द्वारा संविधान सभा को भंग करना लोकतंत्र और गणतंत्र पर हमला है। उन्होंने संविधान सभा के पुनर्गठन तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी।
पूर्व कैबिनेट मंत्री ने यह भी बताया कि इसके विरोध में 11 फरवरी को मशाल जुलूस निकाला जाएगा। जसपा पहले ही देशव्यापी प्रदर्शनों का मंचन कर चुकी है।


इस अवसर पर फेडरल काउंसिल के सदस्य राशिद कुरैशी, जिला उपाध्यक्ष राजन रानामगर, अंबिका काफले, रूबी साई, राजेंद्र बिश्कर्मा और दुर्गेश गुप्ता सहित पार्टी के नेता और कैडर उपस्थित थे।

रिपोर्ट- रईस