नयी दिल्ली: सूचना प्रसारण मंत्री प्रकाश जावडेकर ने टीवी समाचार चैनलों में TRP के आधार पर खबरों के गैर संयमित प्रसारण पर चिंता व्यक्त करते हुए आज कहा कि तमाम शिकायतों एवं दबाव के बावजूद सरकार मीडिया पर अंकुश लगान के पक्ष में नहीं है लेकिन मीडिया को आत्मनियमन की जरूरत है।

जावडेकर ने एक कार्यक्रम में कहा कि मीडिया को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। पहले पीत पत्रकारिता होती थी, फिर पेड न्यूज , फिर फेक न्यूज और अब टीआरपी पत्रकारिता हो रही है। मीडिया को आत्मनियमन की ज़रूरत है। टीआरपी (टेलीविजन रेटिंग प्वांइट्स) के बोझ ने मीडिया की ऐसी स्थिति बना दी है जिसे सुधारना ज़रूरी है।

उन्होंने कहा, “उकसाने वाली खबरें दिखाया जाना अनुचित है। टीवी मीडिया के नियमन से जुड़ी निजी संस्था ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (बार्क) के सदस्य भी खबरों को लेकर शिकायतें लेकर आते हैं। सरकार मीडिया की आज़ादी पर विश्वास करती है और इस पर अंकुश लगाने की सोच नहीं रखती। मीडिया को स्वयं अपने ऊपर नियमन की स्थिति लानी होगी। पत्रकारिता के मूल्यों को बचाने का दायित्व स्वयं मीडिया के ऊपर है।

जावडेकर ने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केन्द्र में दिवंगत पत्रकार एवं विचारक माणिकचंद्र वाजपेयी मामाजी की जन्मशताब्दी वर्ष के समापन समारोह की अध्यक्षता करते हुए अपने संबोधन में उक्त विचार व्यक्त किये। समारोह के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन राव भागवत थे।

वार्ता