भारत और चीन के सैन्य कमांडरों की बैठक में कोई ठोस नतीजा नहीं

नई दिल्ली- भारत और चीन के सैन्य कमांडरों के बीच शुक्रवार को हुई मैराथन बैठक में कोई ठोस नतीजा नहीं निकला लेकिन दोनों पक्ष इस बात पर सहमत हैं कि सीमा पर तनाव कम करने के लिए सैनिकों को पीछे हटाने की प्रक्रिया का पूरा होना जरूरी है।

शनिवार को रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी वक्तव्य में कहा गया है कि भारतीय सीमा के चुशूल मोल्दो क्षेत्र में हुई सैन्य कमांडरों की 11वें दौर की बैठक में पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा के साथ साथ सैनिकों की तैनाती से संबंधित लंबित मुद्दों के समाधान के लिए विचारों का व्यापक स्तर पर आदान प्रदान हुआ। दोनों पक्षों ने अपने अपने तर्क और नजरिये से अपनी बात रखी।

दोनों पक्ष इस बात पर सहमत हैं कि मौजूदा समझौतों तथा प्रोटोकोल के तहत सभी लंबित मुद्दों का तेजी से समाधान किये जाने की जरूरत है। इस संदर्भ में इस बात का उल्लेख किया गया कि अन्य क्षेत्रों में सैनिकों के पीछे हटने की प्रक्रिया के पूरा होने से दोनों पक्षों के बीच तनाव कम करने तथा शांति और द्विपक्षीय संबंधों में प्रगति का मार्ग प्रशस्त होगा।

ये भी पढ़ें- सैन्य कमांडरों के संयुक्त सम्मेलन में भाग लेने के लिए गुजरात पहुंचे पीएम मोदी

उन्होंने इस बात पर भी सहमति व्यक्त की कि दोनों पक्ष उनके नेताओं के बीच बनी सहमति के आधार पर बातचीत तथा संपर्क बनाये रखें और लंबित मुद्दों का जल्द से जल्द परस्पर स्वीकार समाधान खोजें। उन्होंने जमीनी स्तर पर स्थिरता बनाये रखने , नयी घटना नहीं होने देने तथा मिलकर सीमावर्ती क्षेत्र में शांति बनाये रखने पर भी रजामंदी प्रकट की।

उधर जानकारों का मानना है कि बातचीत में कोई ठोस नतीजा नहीं निकला है और यह बातचीत अगले दौर की बातचीत के लिए अच्छा आधार साबित हो सकती है।

इन्पुट- यूनीवार्ता