कानपुर। हिन्दू धर्म मे पितर पक्ष का अपना एक अलग ही महत्त्व है। कहा जाता है कि पूर्वजो को पितरों में पानी देने से उनकी आत्मा को शांति मिलती है। दो सितम्बर से पितृपक्ष की शुरुआत हुई थी, जो आज गुरुवार को अमावस्या के दिन समाप्त हो रहा है। जिसको लेकर हिन्दू रीति रिवाज के अनुसार लोग अपने अपने पितरों को पानी देने के लिए घाटो के किनारे दिखाई दिए।


इस दौरान पुरोहितों के मंत्रोचारण के साथ गंगा में खड़े होकर लोग पानी देकर अपने पूर्वजो को तृप्त करते हुए दिखाई दिए। हिन्दू धर्म में ये मन्नता है कि जो लोग अपने पुराजो को पानी देते है वह पूरे पंद्रह दिन तक दाढ़ी बाल नही कटवाते और अमावस्या के दिन पानी देने के बाद ही अपने दाढ़ी बाल कटवाते है। वही घर मे मौजूद महिलाये श्रंगार करती है।

  • कौस्तुभ शंकर मिश्रा