देशभक्ति की जगी अलख नियमित राष्ट्रीय गान के हुये 100 दिन पूरे

by vaibhav

उरई(चुर्खी):- ” जैसे धार्मिक स्वभाव के व्यक्ति नियमित रामायण का पाठ करते हैं, ठीक वैसे ही राष्ट्र का चिंतन करने वाले और हृदय में राष्ट्रभक्ति रखने वाले ही नियमित राष्ट्रगान करते हैं.और यदि यह ऐसे स्थान पर हो जहां स्वतंत्रता संग्राम की नायिका महारानी लक्ष्मीबाई ने एक रात विश्राम किया हो तो यह और भी पवित्र हो जाता है”. यह बात ग्राम चुर्खी में नियमित राष्ट्रगान के 100 दिन पूरे होने के उपलक्ष्य में संस्था जय मां ग्रामीण बाल विकास समिति के तत्वाधान में आयोजित कार्यक्रम में पूर्व मंत्री व भाजपा नेता हरिओम उपाध्याय ने कही.उन्होंने कहा कि यह परम गौरव की बात है कि महारानी लक्ष्मीबाई ने प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में झांसी से कालपी जाते समय एक रात यहां विश्राम किया था, किंतु यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि यह स्थान उपेक्षित रहा.और यह बात यहां के लोगों को भी मालूम नहीं है|

कितना अच्छा हो कि यहां महारानी लक्ष्मी बाई की मूर्ति स्थापित कर एक स्मारक बनाया जाए और उनके स्वतंत्रता के आंदोलन में किए गए योगदान को अंकित किया जाए. साथ में पधारे भाजपा के क्षेत्रीय मंत्री संजीव उपाध्याय ने कहा कि जिनके हृदय में भारत माता के प्रति श्रद्धा व सम्मान होता है और राष्ट्र के प्रति उत्कट प्रेम होता है, वही नियमित राष्ट्रगान करते हैं. यह बड़े ही गौरव की बात है कि नियमित राष्ट्रगान करने वाला उत्तर प्रदेश का पहला गांव जरारा है और दूसरा गांव चुर्खी है.स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित परिषद के जिलाध्यक्ष लल्लू दुबे ने कहा कि यह विडंबना है कि मां भारती के उपासक 1857 से लेकर अब तक उपेक्षित हैं| वह तब भी वंदे मातरम् गाते थे और आज भी गा रहे हैं. उन्होंने महारानी लक्ष्मीबाई के विश्राम स्थल के पास की भूमि में पार्क बनवाने के लिए शासन से मांग की. कार्यक्रम में पधारे शिक्षक महेंद्र द्विवेदी ने संबोधित करते हुए कहा कि यह प्रत्येक व्यक्ति का कर्तव्य है कि जिस समय राष्ट्रगान हो रहा हो उस समय वह राष्ट्र के सम्मान में वहीं खड़ा हो जाए. कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे महारानी लक्ष्मीबाई की बहन गोपिका के वंशज श्री अरुण भाडवड़ेकर जी ने सभी अतिथियों से समय-समय पर राष्ट्रगान कार्यक्रम में उपस्थित होते रहने का आवाहन किया. सामाजिक कार्यकर्ता व नियमित राष्ट्रगान के नींव के पत्थर कहे जाने वाले शुभम तिवारी व श्याम बिहारी प्रजापति ने उपस्थित अतिथियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया. कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रगान के प्रणेता वह सूत्रधार राम मोहन चतुर्वेदी ने किया. इस अवसर पर आशीष पांडे, बलदाऊ सैनी, गुड्डू सिंह, राम प्रकाश प्रजापति, श्याम जी प्रजापति, देवनारायण, योगेंद्र, उदय भाडवड़ेकर, कल्लू बाबा, राहुल पांडे, भर्ग दत्त तिवारी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे|

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