औरास(उन्नाव)। जैसा कि आप सभी को ज्ञात होगा। प्रदेश में पंचायती चुनाव का बिगुल बज चुका है। और प्रधान से लेकर प्रधान पद के उम्मीदवार भी जोश में आकर अपनी अपनी किस्मत आजमाने में लगे हुए हैं। लेकिन पिछले 5 सालों में रहे प्रधान ने क्या विकास कार्य करवाया है वह इस गांव का समुदायिक भवन देखकर ही ज्ञात होता है।

यह सामुदायिक भवन उत्तर प्रदेश के उन्नाव जनपद के औरास का है। सामुदायिक भवन बदहाली के आंसू बहा रहा है। जिसमें पूरी पंचवर्षीय योजना में दरवाजा खिड़की तक नहीं लग पाए और लगातार विकास के मॉडल को दिखाकर गांव का पैसा ग्राम प्रधान लूटते रहे।


जानवर चला रहे वाईफाई

सरकार ने सोचा था गांव-गांव में इंटरनेट होगा और वह भी इंटरनेट फ्री होगा। लेकिन इंटरनेट लगवा भी दिया गया। लेकिन सरकार की सोच को प्रधान जी ने पलीता लगा दिया। पंचायत भवन में लगा वाईफाई का उपयोग आम नागरिक तो नहीं कर पाए। लेकिन परिसर में लगे वाईफाई का उपयोग आवारा जानवरों द्वारा बखूबी किया जा रहा है।


प्राप्त जानकारी के अनुसार विकासखंड औरास की ग्राम पंचायत पुरथ्यावा में सामुदायिक भवन का निर्माण लाखों रुपए स्वीकृत होने के बाद कई वर्षों पूर्व कराया गया था और तब से आज तक उसमें दरवाजा खिड़की का कार्य तक ग्राम प्रधान के द्वारा नहीं कराया गया है और जब ग्राम प्रधान का कार्यकाल खत्म हो गया। तब उसमें थोड़ा बहुत पुताई का काम उल्टा सीधा तरीके से कराया गया। जिससे उल्टा सीधा काम कराने के पश्चात उसका भुगतान आसानी से कराया जा सके। जिससे दोबारा उस पैसे को लगाकर चुनाव जीता जा सके। यह कारनामा ग्राम प्रधान के द्वारा मिलीभगत के चलते आपसी बंदरबांट के द्वारा कार्य को अंजाम देने का कार्य बखूबी से निभाया जा रहा है। क्योंकि दरवाजा खिड़की और मरम्मत का कार्य नहीं कराया जा सका है और उसमें गांव के कुछ लोगों का पुआल भरा हुआ है। और जानवर बांधने का काम पंचायत भवन में किया जा रहा है। जिसमें सरकार के द्वारा पैसे खर्च करके गांव को डिजिटल बनाने के लिए वाईफाई तक लगाई गई है । लेकिन परिसर में तो जानवरों का स्थान बन गया है तो इसलिए यह वाईफाई का उपयोग आमजन तो नहीं कर पा रहे लेकिन परिसर में जानवर शायद इसका कर लेते हो। यह तो जानवरों से ही पता करना। फिलहाल देखकर यही लगता है कि सरकार का पैसा पानी में बहा दिया गया और जिम्मेदारों की आंखें बंद है।

रिपोर्ट : पंकज शुक्ला