निजीकरण के विरोध में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर उतरे विद्युत कर्मी

by vaibhav

कौशांबी :- उत्तर प्रदेश की योगी सरकार द्वारा विद्युत विभाग को निजी हाथों में सौंपने की सुगबुगाहट के बाद पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के अधिकारियों कर्मचारियों में उबाल आ गया और प्रदेश सरकार के विरोध में पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के अधिकारी कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार की चेतावनी देकर आंदोलन शुरू कर दिया है

आज पहले दिन जनपद मुख्यालय मंझनपुर स्थित विद्युत पावर हाउस में भारी संख्या में विद्युत कर्मी अधिकारी धरना में शामिल हुए विद्युत कर्मचारियों अधिकारियों को

अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार में चले जाने से विद्युत सप्लाई बाधित होती इसके पहले ही जिला प्रशासन ने विद्युत सप्लाई की जिम्मेदारी खुद संभाल ली मंझनपुर तहसील दार अधिकारियों कर्मचारियों के साथ विद्युत पावर हाउस में मौजूद पल पल की व्यवस्था की हकीकत की जानकारी ले रहे हैं वहीं विद्युत कर्मचारियों के आंदोलन की जानकारी मिलने के बाद सुरक्षा को लेकर भारी संख्या में पुलिस फोर्स की तैनाती की गई है जिससे आंदोलनकारी उपद्रव ना कर सकें काम बहिष्कार कर विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले एकत्रित विद्युत कर्मचारी अधिकारी निजीकरण के विरोध में जमकर गरजे हैं और आंदोलनकारियों ने निजीकरण को सरकार की तानाशाही बताया है आंदोलनकारियों ने कहा कि विद्युत विभाग के घाटे के पीछे सरकार की दोहरी नीति मुख्य कारण है एक तरफ सरकार किसानों को सस्ती दर पर बिजली देने का वादा करती है लेकिन दूसरी तरफ सरकार विद्युत विभाग को अनुदान की रकम नहीं देती जिससे विद्युत विभाग घाटे में चला जाता है सरकार को अनुदान की राशि की भरपाई करनी होगी तभी विद्युत विभाग के घाटे खत्म हो पाएंगे धरना प्रदर्शन में इंजीनियर मुरलीधर इंजीनियर राकेश कुमार इंजीनियर अंकित कुमार इंजीनियर एसके श्रीवास्तव इंजीनियर श्री राजेश कुमार इंजीनियर धीरज यादव इंजीनियर प्रभात कुमार इंजीनियर प्रदीप कुमार इंजीनियर विनम्र पटेल इंजीनियर अमर सिंह इंजीनियर राना रंजीत इंजीनियर बृजेश जैसवाल गौरव श्रीवास्तव अवधेश कुमार अमित कुमार राघवेंद्र कुमार संदीप मिश्रा शिव मणि त्रिपाठी डेविड राजपूत आलोक तिवारी मनीष जयसवाल सहित भारी संख्या में विद्युत कर्मचारी अधिकारी इस आंदोलन में शामिल रहे हैं धरना प्रदर्शन में शामिल विद्युत विभाग के इंजीनियर मुरलीधर का कहना है कि उन्होंने सभी विद्युत उप केंद्रों को प्रशासन को हैंड ओवर कर दिया है और विद्युत उप केंद्रों को समस्त जिम्मेदारी जिला प्रशासन की है उन्होंने दावा किया है कि जिला प्रशासन को उपकेंद्र हैंडओवर किए जाने के बाद पूरे जिले की विद्युत सप्लाई बाधित रही है

रिपोर्ट श्रीकान्त यादव

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