शिवगंज (सिरोही ): सत्य लिखना और सत्यता की आवाज उठाना या यह भी कह सकते हैं कि सत्य की राह पर चलने पर मुश्किलें बहुत आती हैं। आए दिन मुश्किलों का सामना भी करना पड़ता है। लेकिन इन दिनों कलम के सच्चे सिपाही यों के लिए कलम चलाना मुश्किल का सबब बना हुआ है। मामला शिवगंज शहर स्थित स्थित गोकुल वाडी गली नंबर 3 का है।

गोकुल वाडी के रहने वाले अशोक माली पत्रकार के द्वारा बताया गया कि सोमवार की मध्य रात्रि मेरे घर के बाहर खड़ी बाइक को बजरी माफियाओं द्वारा आग के हवाले कर दिया गया। घर के पास पड़ोसियों ने जब बाइक में विस्फोट की आवाज सुनी तो मुझे घर से जगाया और मैंने देखा कि मेरी बाइक धू-धू कर कर जल रही थी। जिस पर गली वालों ने तुरंत पानी डाला लेकिन बाइक आग के हवाले हो चुकी थी। मेरे द्वारा फोन करने पर शिवगंज थानेदार नवाब खां मय टीम मौके पर पहुंचे !

जानकारी देते हुए पत्रकार ने कहा कि इस संबंध में मैंने मंगलवार की सुबह पुलिस थाना में एफ आई आर दर्ज करवाई। पत्रकार ने बताया कि वह किसी चैनल में शिवगंज में संवाददाता के पद पर कार्यरत है। तथा पत्रकारिता संगठन का वर्तमान में शिवगंज उपखंड का उपाध्यक्ष था। मेरे द्वारा समय-समय पर पारदर्शी पत्रकारिता के तहत चौथे स्तंभ के रूप में शिवगंज के आसपास के क्षेत्र में होने वाले दिन प्रतिदिन की घटना के बारे में लिखकर अपने कर्तव्य का पालन कर रहा था। पत्रकार ने जानकारी देते हुए अभी बताया कि उसके द्वारा बहुत सी खबरें प्रकाशन में आने के बाद कार्रवाई भी नहीं हुई है एवं खबरों के प्रकाश में आने के बाद प्रशासन सक्रिय तक नहीं हुआ और अवैध खनन पर रोक नहीं लगी। अवैध खनन करते हुए वाहन एक तो अवैध रूप से खनन करते हैं दूसरी बात इन वाहनों की रफ्तार बहुत तेज होती है जिसके कारण आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं।

पत्रकार ने जानकारी देते हुए बताया कि मेरे द्वारा बजरी माफियाओं के विरुद्ध बजरी की चोरी के संबंध में 13 जून को बजरी माफियाओं के आतंक के विरुद्ध एक न्यूज़ प्रकाशित की गई थी। जिससे आपसी रंजिश रखकर बजरी माफियाओं द्वारा मुझे निशाना बनाया जा रहा है। पत्रकारिता के तौर पर गलत चीजों को उजागर करना इसमें पत्रकारिता की निशानी है। ऐसी स्थिति में कोई भी पत्रकार निर्भय उपर स्वतंत्र रूप से डर के साए में बजरी माफियाओं के विरुद्ध न्यूज़ का प्रकाशन नहीं कर सकता क्योंकि उसे अपनी जान माल का खतरा हमेशा बना रहता है। मेरे को पत्रकारिता से हटाने एवं खात्मा करने का इरादा रखते हुए जान से पीछे पड़ गए। मैंने बजरी माफियाओं के आगे घुटने नहीं टेके जिससे बजरी माफियाओं ने बौखलाहट में आकर सोमवार की मध्यरात्रि को मेरे घर के बाहर खड़ी मोटरसाइकिल आरजे 22 एस एच 9861 को पेट्रोल छिड़क कर पूरा जला दिया। बजरी माफियाओं के विरुद्ध न्यूज़ का प्रकाशन करने के कारण बजरी माफियाओं ने बदला लेने की बदनियती से अंजाम दिया है। समय पर बजरी माफियाओं के विरुद्ध कार्रवाई नहीं की गई तो आज मेरी मोटरसाइकिल जलाई है। कल यह लोग मुझे भी जला देंगे। अगर बजरी माफिया के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। तो बेखौफ होकर घूमते हुए मेरे साथ किसी भी घटना को अंजाम दिया तो उसके लिए बजरी माफिया एवं पुलिस प्रशासन स्वयं जिम्मेदार होगा !

रिपोर्ट हेमन्त अग्रवाल राजस्थान ब्यूरो चीफ