इटावा :: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में आज राजा महेंद्र प्रताप सिंह की स्मृति में यूनिवर्सिटी का शिलान्यास किया है,उनका इटावा से गहरा नाता रहा है ।

राजा महेंद्र प्रताप सिंह के इटावा रिश्ते की तस्दीक करते हुए चंबल मे आजादी के नायक रहे कंमाडर अर्जुन सिंह भदौरिया के बेटे सुधींद्र भदौरिया ने यूनीवार्ता को बताया कि श्री मोदी ने आज अलीगढ मे आज जिन राजा महेंद्र सिंह की स्मृति मे यूनीवसिर्टी का शिलायंस किया है उनका इटावा से भी गहरा नाता रहा है ।

भदौरिया ने बताया कि राजा महेंद्र प्रताप सिंह 1957 मथुरा से निर्दलीय सांसद निर्वाचित हुए। इसी साल उनके पिता कमांडर अर्जुन सिंह भदौरिया भी इटावा से सांसद निर्वाचित हुए । चुनाव में जनसंघ के उम्मीदवार के तौर पर अटल बिहारी वाजपेयी भी यहां चुनाव मैदान में खड़े हुए थे। श्री वाजपेयी इस चुनाव में चौथे नंबर पर आए थे।

जब दोनो लोग दिल्ली संसद बन कर पहुचे तो राजा महेंद्र सिंह को साउथ एवन्यू का बंगला 105 और उनके पिता को साउथ एवन्यू मे ही 107 नंबर का बंगला आवटिंत हुआ। पडोसी होने के नाते उनका बचपन राजा महेंद्र प्रताप सिंह के आवास मे खेलते कूदते हुए बीता है। राजा महेंद्र प्रताप सिंह से उनके परिवार के रिश्ते कितने मधुर थे इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 1960 में लखनऊ जाते समय राजा महेंद्र उनके इटावा स्थित सराय शेख आवास पर भी आकर रूके भी थे । जिस समय राजा महेंद्र प्रताप सिंह उनके सराय शेख स्थिति आवास पर आये उस समय उनके पिता अर्जुन सिंह,माता सरला,बुआ चंद्रबती आदि मौजूद रही थी ।

राजा से उनके पिता अर्जुन सिंह के रिश्ते बहुत ही मधुर रहे । तभी तो पिता की ओर से लिखी नींव के पत्थर नामक पुस्तक मे राजा की कई तस्वीरें शामिल की गई है। 1997 मे प्रकाशित नींव के पत्थर पुस्तक का जिक्र करते हुए भदौरिया ने बताया कि 1948 में निर्वासन समाप्त होने के बाद क्र्रांतिकारी राजा महेंद्र प्रताप सिंह भारत वापस आए । लखनऊ की बारादरी में राजा महेंद्र प्रताप का स्वागत किया गया । इसी समारोह में कमांडर अर्जुन सिंह भदोरिया भी उनके साथ मौजूद थे। इस समारोह की अध्यक्षता हाफिज मोहम्मद इब्राहीम ने की थी जो कभी मोहम्मद अली जिन्ना के बेहद करीब और मुस्लिम लीग मे हुआ करते थे लेकिन देश की आजादी के बाद जवाहर लाल नेहरू के करीबी बन गये जिनको नेहरू मंत्रिमंडल मे मंत्री बनाया गया ।

सुधींद्र भदौरिया के पिता कंमाडर अर्जुन सिंह भदौरिया आजादी के आंदोलन मे चंबल घाटी के नायक रहे है । आजादी के आंदोलन मे मिली लोकप्रियता का ही नतीजा यह रहा कि अर्जुन सिंह तीन दफा 1957,1962 और 1977 में इटावा से लोकसभा के लिए चुने गए ।


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